मोहनपुर: पांच महीने में दस हत्याएं, अधिकांश की नहीं सुलझी गुत्थी

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देवघर: इसमें में सात पुरुष व तीन महिला शामिल हैं. इन हत्याकांडाें में अधिकांश नामजद प्राथमिकी दर्ज होने के बाद भी आरोपित पुलिस पकड़ से बाहर हैं. पुलिस कई हत्याकांडों की गुत्थी भी नहीं सुलझा पायी है. सबसे चर्चित मनसाराय कुरैवा गांव में बमबाजी में मारे गये भीम यादव, बलथर निवासी भाजपा नेता नरेंद्र यादव […]

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देवघर: इसमें में सात पुरुष व तीन महिला शामिल हैं. इन हत्याकांडाें में अधिकांश नामजद प्राथमिकी दर्ज होने के बाद भी आरोपित पुलिस पकड़ से बाहर हैं. पुलिस कई हत्याकांडों की गुत्थी भी नहीं सुलझा पायी है.
सबसे चर्चित मनसाराय कुरैवा गांव में बमबाजी में मारे गये भीम यादव, बलथर निवासी भाजपा नेता नरेंद्र यादव व झालर गांव निवासी शिव शंकर यादव हत्याकांड है. भीम यादव व नरेंद्र यादव हत्याकांड की गुत्थी अब तक नहीं सुलझ पायी है. भीम यादव हत्याकांड में तीन नामजद अारोपित बनाये गये थे, इसमें दो आरोपितों ने कोर्ट में सरेंडर किया व एक आरोपित पुलिस पकड़ से बाहर है.
नरेंद्र यादव हत्याकांड में कुल सात नामजद आरोपित बनाये गये थे, इसमें दो आरोपितों ने कोर्ट में सरेंडर किया व पांच फरार है.
शादी में मीट खिलाने के विवाद में पीट-पीट दुल्हे के चाचा शिव शंकर यादव की हत्या के मामले में कुल 12 नामजद आरोपित बनाये गये थे. दो की गिरफ्तारी व तीन आरोपितों ने कोर्ट में सरेंडर किया. पकड़ से बाहर है.
मोहनपुर में हुए 10 हत्याकांड की फेहरिस्त
14 मार्च : पथलगढ़ा में ताराबाद डहुआ निवासी मंगनी देवी की हत्या
17 मार्च : मनसाराय कुरैवा में बमबाजी में भीम यादव की हत्या
18 मार्च : सरासनी में अज्ञात युवक की पत्थर से कुचकर हत्या
14 अप्रैल : रुपैयडीह निवासी पिंटू यादव की गला दबाकर हत्या
चार मई : शादी में मीट खिलाने के विवाद में शिव शंकर यादव की हत्या
13 मई : कविलाशपुर में विवाहिता बंसती देवी की हत्या
14 मई : कुसूमडीह में विवाहिता कलावती देवी की हत्या
छह जून : भाजपा नेता नरेंद्र यादव की झालर में हत्या
12 जून : बसबुटिया निवासी रोहित यादव की हत्या
29 जुलाई: पुनसिया व अमगढ़िया में अज्ञात कांवरिया की हत्या
नहीं सुलझी सरासनी में युवक की हत्या की गुत्थी
18 मार्च को देवघर-सुल्तानगंज रेलवे लाइन के समीप सरासनी गांव में एक 26 वर्षीय अज्ञात युवक की हत्या पत्थर व नुकीले हथियार से कुचकर कर दी थी. पांच माह में पुलिस इस हत्याकांड में पुलिस हत्यारों तक नहीं पहुंच पायी, हत्याकांड की गुत्थी तक नहीं सुलझी है. मृतक की पहचान भी नहीं हो पायी है. इस घटना से 12 घंटे पहले ही बम से मारकर भीम यादव की हत्या हुई थी.
थम गया पिंटू यादव हत्याकांड का अनुसंधान
14 अप्रैल को रुपैयाडीह गांव निवासी पिंटू यादव की हत्या गला दबाकर कर दी गयी थी, इस मामले में पिंटू की पत्नी, ससुर व साले पर हत्या का केस दर्ज किया था. लेकिन पुलिस की अनुसंधान की सुई पिंटू के कुछ साथियों व ट्रैक्टर मालिक पर हत्या की ओर गयी थी. दो युवकों को हिरासत में भी लिया गया था, लेकिन कुछ नेता व परिजनों द्वारा थाना का घेराव के कुछ घंटे बाद ही उन्हें थाने से छोड़ दिया गया. उसके बाद से ही पुलिस का अनुसंधान थम सा गया है.
कई के खिलाफ वारंट व इश्तेहार
पुलिस ने हत्याकांडों के कई आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए कोर्ट से वारंट व इश्तेहार की प्रक्रिया शुरू की है. नरेंद्र यादव व शिवशंकर यादव हत्या मामले में पुलिस फरार आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए कोर्ट से वारंट का प्रे किया है. बसबुटिया निवासी छात्र रोहित यादव की हत्या के मामले में पुलिस दो आरोपित महेश्वर यादव व अरविंद के घर पर इश्तेहार भी चिपका चुकी है. इन कांडों में पुलिस शेष आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए कई बार छापेमारी भी कर चुकी है, लेकिन सफलता नहीं मिली है.
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