Unlock 5.0 in jharkhand : छूट मिलते ही लापरवाह हुए लोग, न चेहरे पर मास्क न ही सोशल डिस्टैंसिंग का पालन

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Unlock 5.0 in jharkhand : छूट मिलते ही लापरवाह हुए लोग, न चेहरे पर मास्क न ही सोशल डिस्टैंसिंग का पालन

बस मालिक सह बस एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष मो बेलाल ने कहा कि सरकार का यह निर्णय स्वागत योग्य है. बस सेवा शुरू होने से इस व्यवसाय से जुड़े लोगों को काफी राहत मिलेगी. 50 दिनों तक बस परिचालन बंद होने से काफी नुकसान हुआ. चालक, उपचालक, कंडक्टर, एजेंट बेरोजगार हो गये थे. बस का परिचालन शुरू होने से खुशी है. बस स्टैंड में व्यवसायी करने वाले ठेला, होटल संचालकों ने भी खुशी का इजहार किया है. सत्यार्थी बस के मालिक प्रवीण सत्यार्थी ने कहा कि बस का संचालन सरकार की गाइडलाइन के अनुसार किया जायेगा. बस सेवा शुरू होने से काफी राहत महसूस कर रहा हूं.

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राज्य सरकार द्वारा स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह अनलॉक-05 में कई तरह की छूट दी गयी है. दुकानों को सुबह छह से शाम आठ बजे तक खोलने की अनुमति दी गयी है. बस सेवा भी शुरू करने की भी अनुमति दी गयी है. सरकार की घोषणा से इस क्षेत्र से जुड़े लोग काफी राहत महसूस कर रहे हैं. सरकार की छूट देने की घोषणा के बाद गुरुवार को बाजार में भीड़ रही. कई लोग लापरवाही करते दिखे. इनके चेहरे पर न तो मास्क था और न ही सोशल डिस्टैंसिंग का पालन कर रहे थे. वहीं दूसरी ओर शिक्षण संस्थान के नहीं खुलने से संचालक व शिक्षकों में नाराजगी है.

निर्णय स्वागत योग्य: बस एसोसिएशन

बस मालिक सह बस एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष मो बेलाल ने कहा कि सरकार का यह निर्णय स्वागत योग्य है. बस सेवा शुरू होने से इस व्यवसाय से जुड़े लोगों को काफी राहत मिलेगी. 50 दिनों तक बस परिचालन बंद होने से काफी नुकसान हुआ. चालक, उपचालक, कंडक्टर, एजेंट बेरोजगार हो गये थे. बस का परिचालन शुरू होने से खुशी है. बस स्टैंड में व्यवसायी करने वाले ठेला, होटल संचालकों ने भी खुशी का इजहार किया है. सत्यार्थी बस के मालिक प्रवीण सत्यार्थी ने कहा कि बस का संचालन सरकार की गाइडलाइन के अनुसार किया जायेगा. बस सेवा शुरू होने से काफी राहत महसूस कर रहा हूं.

निजी शिक्षकों की ओर भी ध्यान दे सरकार

निजी विद्यालय गॉड-फ्रे के संचालक नीरज सहाय ने कहा कि सरकार ने ऑनलाइन पढ़ाई कराने की इजाजत दी है. लेकिन कई ऐसे क्षेत्र हैं, जहां संसाधन की कमी है, जहां के बच्चे ऑनलाइन जुड़ नहीं पायेंगे. जिसके कारण शिक्षा व्यवस्था सुदृढ़ नहीं हो पायेगी. छोटे निजी विद्यालय में मासिक शुल्क भी अभिभावकों द्वारा नहीं दिया जा रहा है. शिक्षक आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं. मकान किराया, गाड़ी टैक्स, बिजली बिल का बोझ दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है. सरकार से राहत पैकेज की मांग की. साथ ही विद्यालय चालू होने तक शिक्षकों को नि:शुल्क राशन उपलब्ध कराने की मांग की. सक्सेस मिरर प्रतियोगी संस्थान के निदेशक विनय राज ने कहा कि संस्थान बंद होने से काफी दिक्कत हो रही है. मकान का किराया देना पड़ रहा है. शिक्षकों के समक्ष भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गयी है.

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