झोलाछाप के चक्कर में चार दिनों में तीन की हो चुकी है मौत

सरकार की ओर से स्वास्थ्य के क्षेत्र में बेहतर सुविधा देने के दावे के बीच ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की स्थिति लचर है.
चतरा. सरकार की ओर से स्वास्थ्य के क्षेत्र में बेहतर सुविधा देने के दावे के बीच ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की स्थिति लचर है. विभागीय लापरवाही का नतीजा है कि आये दिन झोला छाप के चक्कर में पड़कर लोगों को अपनी जिंदगी से हाथ धोना पड़ रहा है. विभाग की ओर से अवैध रूप से चल रहे नर्सिंग होम व क्लीनिक पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है. झोलाछाप सुदूरवर्ती क्षेत्र के ग्रामीणों का इलाज के साथ उनका ऑपरेशन तक कर रहे हैं. मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं. चतरा में पिछले चार दिनों के अंदर झोलाछाप के गलत इलाज के कारण तीन लोगों की जान चली गयी है. गत 29 अगस्त को वशिष्ठ नगर थाना क्षेत्र के जोरी कला पंचायत के मास्टर मुहल्ला स्थित रविदास टोला में पनवा देवी (50) पति-शंकर दास की मौत झोलाछाप सरवर की ओर से इंजेक्शन देते ही हो गयी. वहीं सोमवार को हंटरगंज थाना क्षेत्र के नावाडीह गांव स्थित जीवन रेखा नर्सिंग होम में झोलाछाप के चक्कर में प्रसूता महिला रंजू कुमारी (23) पति-धर्मेंद्र यादव की मौत हो गयी. सोमवार को ही वशिष्ठ नगर थाना क्षेत्र के धोबे गांव निवासी मनोज पासवान का चार वर्षीय पुत्र ऋषि कुमार की मौत झोलाछाप प्रदीप विश्वकर्मा के गलत इलाज से हो गयी. ग्रामीणों के अनुसार झोलाछाप के चक्कर में लोगों की जान जा रही है. बता दें कि हर साल में झोलाछाप के चक्कर में 20 से अधिक लोगों की जान जिले में चली जाती है.
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झोलाछाप के इलाज से हुई मौत पर गंभीरता बरती जा रही है. हंटरगंज में अवैध रूप से संचालित क्लीनिक में छापेमारी की गयी है. आगे ऐसी घटना नहीं हो, इसके लिए अधिकारियों को बगैर रजिस्ट्रेशन चल रहे क्लीनिक संचालकों पर कार्रवाई की जायेगी.कृतिश्री जी, डीसी, चतरा
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