ईटखोरी में दिल्ली के लोटस टेंपल के स्वरूप में दिखेगा जैन मंदिर

मां भद्रकाली मंदिर आनेवाले पर्यटकों को शीघ्र ही एक और धार्मिक स्थल का सौगात मिलनेवाला है.
इटखोरी. मां भद्रकाली मंदिर आनेवाले पर्यटकों को शीघ्र ही एक और धार्मिक स्थल का सौगात मिलनेवाला है. मां भद्रकाली मंदिर परिसर के पास मोहाने नदी के किनारे भदलपुर में दिगंबर जैन धर्म के दसवें तीर्थंकर भगवान शीतलनाथ जी के जन्म कल्याणक भूमि पर भव्य जैन मंदिर का निर्माण किया गया है. शीघ्र ही यह मंदिर पूर्ण हो जायेगा. मंदिर को दिल्ली के लोटस टेंपल का स्वरूप दिया गया है. जैन साध्वी ज्ञानमति माता जी व धर्म गुरु रवींद्र कीर्ति जी महाराज के सानिध्य में मंदिर का निर्माण हुआ है. मंदिर के गर्भगृह में भगवान शीतलनाथ जी की आकर्षक प्रतिमा स्थापित की गयी है. बताया जाता है कि भदलपुर तीर्थ क्षेत्र दिगंबर जैन धर्म के सम्मेद शिखर पारसनाथ के बाद झारखंड का दूसरा सबसे बड़ा तीर्थ स्थल है. मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार के सामने 41 फीट ऊंचा मान स्तंभ का निर्माण हो रहा है, जिसमें जैन धर्म के सभी 24 तीर्थंकरों की छोटी-छोटी प्रतिमाएं उत्कीर्ण रहेंगी. मालूम हो कि वर्ष 1980 में झाड़ियों की सफाई करने व खुदाई के दौरान भगवान शीतलनाथ जी का चरण पादुका व ताम्रपत्र मिला था. ताम्रपत्र में उक्त स्थल जैन धर्म का होने का प्रमाण था. प्रारंभिक समय में इटखोरी निवासी सुनील कुमार जैन, कोडरमा के महाबीर पाटनी व सुरेश झांझरी, बिमल बड़जात्या ने विकास की बीड़ा उठायी. इसमें समाज के लोगों का कारवां बढ़ता गया. धीरे-धीरे सैकड़ों सदस्य व ट्रस्ट से जुड़ते गये. परिणाम वीरान स्थल पर अब शीतलनाथ जी का मंदिर बनकर तैयार है.
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