स्थापना दिवस शिक्षाविदों व ग्रामीणों ने रखी अपनी राय

झारखंड राज्य का अपना 25वां स्थापना दिवस मना रहा है.
चतरा. झारखंड राज्य का अपना 25वां स्थापना दिवस मना रहा है. 15 नवंबर 2000 को बिहार से झारखंड अलग राज्य बना. राज्य बनने के बाद जिले में काफी बदलाव आया है. नक्सलियों का वर्चस्व कम हुआ है. पूरे राज्य में सड़क का जाल बिछा. गांवों तक बिजली पहुंची. हालांकि कई क्षेत्रों में जिला जहां था, वहीं अब भी खड़ा है. अपेक्षा के अनुरूप विकास नहीं हुआ है. यहां के लोग पलायन कर रहे हैं. 25 वर्षो में जिले में बदलाव को लेकर शिक्षक, युवक व आमलोगों ने अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दी है.
लगातार हो रहा है विकास: डॉ मुकेश झाचतरा कॉलेज के प्राचार्य डॉ मुकेश झा ने कहा कि झारखंड राज्य अलग बनने के बाद से लगातार विकास हो रहा है. सुरक्षा व यातायात की सुविधा सुलभ हुई है. चतरा को रेलवे नेटवर्क से जोड़ना बहुत जरूरी है. शिक्षा में और सुधार की जरूरत है.
कम संसाधन में बच्चे कर रहे हैं अच्छे: डॉ ज्योति डॉ ज्योति कुमार ने कहा कि 25 वर्षाें में जिले में शिक्षा व स्वास्थ्य के क्षेत्र में विकास हुआ है. सड़कें बनी है. यहां के बच्चे कम संसाधन में अच्छे कर रहे हैं. लोगों में जागरूकता आयी है. बच्चे यूपीएससी, जेपीएससी व अन्य परीक्षाओं में सफल हो रहे हैं.कई क्षेत्रों में हुआ विकास: प्रवीण कुमार
शिक्षक प्रवीण कुमार ने कहा कि जिले में कई क्षेत्रों में विकास हुआ है. बिजली पहुंची हैं और सड़कें बनी है. जिले में टेक्निकल कॉलेजों पर ध्यान नहीं दिया गया है. इस कारण यहां के युवाओं को रोजगार का अवसर नहीं मिल पा रहे हैं.
सड़कों का जाल बिछा है : प्रकाश कुमार प्रकाश कुमार ने कहा कि झारखंड बनने के 25 साल में जिले में सड़कों का जाल बिछा है. लोग दिन-रात आवागमन कर रहे हैं. आपराधिक घटनाओं पर काफी कमी आयी है. पर्यटन स्थलों का विकास हो रहा है. राज्य के लोग जागरूक हो रहे हैं.जिले का काफी परिवर्तन हुआ है: सोमा उरांव
सोमा उरांव ने कहा कि झारखंड बनने के 25 साल के दौरान जिले में काफी परिवर्तन आया है. सड़कें बनी है. शिक्षा में सुधार हुआ है, लेकिन और सुधार की जरूरत है. गांव तक स्वास्थ्य सेवा पहुंच रहा है. बिजली जलने से सुविधा हो रही है.
बस स्टैंड का हाल बेहाल है: सुनील कुमार सुनील कुमार ने कहा कि जिले का विकास काफी धीमी गति से चल रहा है. स्वास्थ्य, शिक्षा के क्षेत्र में काम नहीं हुआ है. जिले का एक मात्र बस स्टैंड का हाल बेहाल है. यात्रियों को कोई सुविधा नहीं मिल रहा है. युवाओं को रोजगार नहीं मिल पा रहा है.बेरोजगारी व शिक्षा अहम मुद्दे: राशिद
युवक मो राशिद सैफ ने कहा कि झारखंड में युवाओं के लिए बेरोजगारी व शिक्षा अहम मुद्दे है. बहाली के फॉर्म निकलते है, फिर रद्द हो जाते है. नियमित रूप से कोई भी क्षेत्र में बहाली नहीं ली जा रही है. समय पर बहाली नहीं लेने से उम्र बढ़ रही है.
रोजगार के लिए कोई काम नहीं हुआ : बैधनाथ बैधनाथ पासवान ने कहा कि झारखंड के साथ बने अन्य राज्यों में शिक्षा के क्षेत्र में काफी काम हुआ है. लेकिन झारखंड पीछे रह गया है. रोजगार के क्षेत्र में कोई काम नहीं हो रहा है. पेपर लीक सबसे समस्या बन गयी है. जिससे यहां के विद्यार्थी परेशान है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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