मंदी की मार झेल रहे हैं चतरा के रंग पेंट विक्रेता, पैसा नहीं होने के कारण फीकी रहेगी दीपावली

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इटखोरी के रंग पेंट के दुकानदार बाजार के मंदी की मार झेल रहे हैं. गृह रंगाई के सामग्री की बिक्री नहीं हो रही है.

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इटखोरी : इटखोरी के रंग पेंट के दुकानदार बाजार के मंदी की मार झेल रहे हैं. गृह रंगाई के सामग्री की बिक्री नहीं हो रही है. लोगों के पास नकद राशि नहीं होने के कारण बाजार फीकी पड़ गयी हैं. लोग चाहकर भी अपने घरों का रंग-रोगन नहीं करा पा रहे हैं.

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क्या कहते हैं दुकानदार :

चौरसिया हार्डवेयर दुकान के संचालक अशोक चौरसिया ने कहा कि बाजार में रंगों के खरीदार नहीं है. लोग कोरोना के संकट से अबतक उबर नहीं सके हैं. जिस उम्मीद से रंग पेंट स्टॉक रखे हैं, लगता है नुकसान उठाना पड़ेगा. तनिक भी बिक्री नहीं है. छिटपुट बिक्री होती है. कुशवाहा हार्डवेयर के संचालक मनोज कुशवाहा ने कहा कि बाजार का हालत खस्ता है.

खाद्य पदार्थों के महंगाई का असर हमलोगों के व्यापार पर पड़ा है. लोग पहले भोजन की व्यवस्था करने में लगे हैं. उसके बाद ही दूसरा काम के बारे में सोचते हैं. इस साल तो पिछले साल से भी बुरा हाल है. रंग रोगन का सामान लेने कोई नहीं आते हैं. मां भद्रकाली हार्डवेयर के संचालक सुधीर दांगी ने कहा कि इस साल मात्र 25 प्रतिशत बिक्री है. बाजार में उछाल नहीं आ रहा है.

लोगों के पास पैसा नहीं है. रंग पेंट की ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है. बाजार में मंदी छाया हुआ है. खुशी हार्डवेयर के संचालक शिवकुमार सिंह ने कहा कि पूरा बाजार मंदी के दौर से गुजर रहा है. प्रत्येक साल दो लाख रुपये का रंग पेंट बेचते थे. इस साल कम उम्मीद है. लोगों के पास पैसा नहीं है. खाद्य सामग्री के महंगाई का असर अन्य कारोबार पर पड़ा है.

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