22 सीएच 1- आक्रोश मार्च में शामिल जिलाध्यक्ष व अन्य. राज्यपाल से बर्खास्त करने की मांग चतरा. झारखंड के मंत्री हफीजुल हसन के द्वारा दिये बयान शरियत हमारे दिल में संविधान हमारे हाथ में के विरोध में भाजपाइयों ने आक्रोश मार्च निकाला. आक्रोश मार्च थाना मैदान से निकला, जो केशरी चौक, जतराहीबाग होते हुए समाहरणालय पहुंचा. जहां मंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. साथ ही राज्यपाल से मंत्री को बर्खास्त करने की मांग की. इसका नेतृत्व जिलाध्यक्ष रामदेव सिंह भोगता ने किया. प्रदर्शन के बाद राज्यपाल के नाम ज्ञापन उपायुक्त की अनुपस्थिति में डीएसओ को सौंपा. जिलाध्यक्ष ने कहा कि मंत्री हफीजुल हसन के द्वारा दिये गये बयान से संविधान का अपमान हुआ है. मंत्री ने कहा कि संविधान से पहले शरियत है. उनके द्वारा गैर जिम्मेदराना बयान दिया गया. जिसका विरोध भाजपा करती है. इसके अलावा बंगाल में हिंदुओ पर हो रहे अत्याचार पर अविलंब रोक लगाने, बंगाल के मुख्यमंत्री ममता बानो को बर्खास्त करने, हिंदुओं की सुरक्षा प्रदान करने की मांग की. मंत्री इरफान अंसारी ने सदन में वक्फ संशोधन कानून को राज्य में लागू नहीं होने देने की धमकी भरा असंवैधानिक बयान देते है, जिससे संविधान का उल्लंघन हो रहा है. मंत्री संविधान का खुल्लमखुल्ला अपमान कर रहे है. जिलाध्यक्ष के अलावा कई भाजपाईयों ने भी संबोधित किया. मौके पर महामंत्री मिथिलेश गुप्ता, मृत्यूंजय सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष अशोक शर्मा, अक्षयवट पांडेय, प्रदीप सिंह, सुबोध सिंह गुड्डू्, धर्मेंद्र कुमार, भवानी राय, दिनेश्वर राम, पोषण भारती, दयानिधि सिंह, अरूण चौरसिया, जितेंद्र सिंह, विद्यासागर आर्य, सुजीत जायसवाल समेत कई शामिल थे.
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