जगन्नाथपुर/ जैंतगढ़.
मकर संक्रांति पर बुधवार की अहले सुबह श्रद्धालुओं ने पवित्र वैतरणी नदी, रामतीर्थ धाम, नीलकंठ संगम, केसर कुंड, मुर्गा महादेव, कांड्रा में पवित्र स्नान किया. लोगों ने पुण्य स्नान के साथ पूर्वजों के नाम पर तर्पण किया. वहीं, जरूरतमंदों को दान कर भगवान सूर्यदेव को जलार्पण किया. श्रद्धालुओं ने वैतरणी में मकर पीठा का विसर्जन किया. मंदिरों में पूजा-अर्चना कर घरों में दही, चूड़ा, तिलकुट व गुड़ पीठा का सेवन किया. बुजुर्गों से आशीर्वाद लिया. रामतीर्थ मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ रही. रामेश्वरम शिव मंदिर में भक्तों की कतार रही.पितरों व कुलदेवी को पीठा का अर्पण किया
बाउड़ी पर बनाये गये अरवा चावल के पीठा को बुजुर्गों ने स्नान के पश्चात नये वस्त्र धारण कर कूल देवी व पित्रों को अर्पण किया. मकर संक्रांति पर मिट्टी के बर्तन का विशेष महत्व होने के कारण घरों में मिट्टी के बर्तन में पीठे बनाये गये. इसे पड़ोसियों व रिश्तेदारों तक बांटे गये.
रामतीर्थ मेला में करीब 80 हजार लोग पहुंचे, पैदल, बैलगाड़ी व ट्रैक्टर बने सवारी
मकर संक्रांति पर रामतीर्थ धाम, केसरकुंड, बाराटिबरा और गोरिया डूबा क्षेत्र में विशाल धार्मिक मेला लगा. रामतीर्थ में लगभग 80 हजार की भीड़ जुटी. भक्तों ने पूजा-अर्चना के बाद मेले का आनंद लिया. मेले मे झूला, कठपुतली नाच और मैजिक आदि आकर्षण के केंद्र रहे. बच्चे व महिलाएं खिलौने की खरीदारी में व्यस्त रहे. लोगों ने मेले से फेनी, लाई और ईख की खरीदारी की. लोग 10 से 15 किलोमीटर की दूरी पैदल तय कर मकर गीत गाते हुए मेला में पहुंचे. कुछ लोग बैलगाड़ी और ट्रैक्टर से मेला में पहुंचे.पुलिस-प्रशासन रहा चुस्त
मेले में भीड़ नियंत्रित करने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा. चाईबासा व जगन्नाथपुर से पुलिस के जवान हर मोर्चे पर तैनात रहे. मेले में खोया-पाया मंच बनाया गया है. मेला कमेटी के सदस्य विधि-व्यवस्था बनाये रखने में सक्रिय रहे.
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