चक्रधरपुर.
आगामी 23 नवंबर को आदिवासी नववर्ष जोमषुइम बड़े उत्साह और पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ मनाया जायेगा. इसकी तैयारी को लेकर रविवार को आदिवासी हो समाज सामुदायिक भवन, आसनतलिया में जोमषुइम आयोजन समिति की बैठक हुई. बैठक की अध्यक्षता समिति के उपाध्यक्ष मथुरा गागराई ने की. इसमें कार्यक्रम की रूपरेखा, तिथि निर्धारण, प्रचार-प्रसार और थीम पर विस्तार से चर्चा की गयी. निर्णय लिया गया कि इस वर्ष का जोमषुइम कार्यक्रम और भव्य रूप से मनाया जायेगा. इसके लिए मुंडाओं की विशेष बैठक बुलाई जायेगी. बैठक में उपस्थित सदस्यों ने कहा कि जोमषुइम न केवल एक त्योहार है, बल्कि यह आदिवासी अस्मिता और एकता का प्रतीक है. बैठक में दामोदर हांसदा, दोराई हांसदा, मोगो केराई, जोसेफ होनहागा, सुनीता चांपिया, मोती सोय, बुधलाल अंगरिया, पीरू दोंगो, घासीराम चांपिया, शांति गागराई, मालती बोदरा, बूटा केराई, जीवन बांकीरा, मोटाय दोंगो, घनश्याम सामड, कुशनु सामड और गोला गागराई समेत काफी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

