नोवामुंडी.
मकर संक्रांति पर नोवामुंडी के कातिकोड़ा गांव में पारंपरिक मेले में ग्रामीण जीवन की रौनक बिखरी. ठंडी हवा की परवाह किये बिना सुबह से हजारों ग्रामीण आसपास के इलाकों से पहुंचे. सूर्य देव की पूजा-अर्चना के बाद खरीदारी व सांस्कृतिक कार्यक्रमों में डूबे रहे. मेले में 100 से अधिक स्टॉल लगे थे. यहां मुर्गा पाड़ा आकर्षण का केंद्र रहा. मुर्गा पाड़ा में हजारों की बाजी लगी, वहीं हंडिया की बिक्री भी जोरों पर रही. अन्य स्टॉलों पर मिट्टी के बर्तन, ईख, जूते-चप्पल, टेडी बियर, पूजन सामग्री, लकड़ी के खिलौने, गुड़-तिल की मिठाइयां, साग-सब्जी, चाउमिन-मोमोज जैसी चीजें जमकर बिकी. बच्चों के लिए गुब्बारे, झूले व चरखी ने उत्साह जगाया, जबकि महिलाओं ने घरेलू सामान खरीदे. मागे परब की वेशभूषा में सजीं युवतियों के लोक नृत्य, हो गीत व देसी खेलों ने शाम तक समां बांधा. जेटेया थाना पुलिस व पूजा समिति के 30 युवाओं ने सुरक्षा सुनिश्चित की. 14-15 जनवरी को स्नान-पूजन चला, तो 16 जनवरी को भी मेला जारी रहेगा. यह आयोजन ग्रामीण परंपराओं व भाईचारे का प्रतीक बना.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

