चाईबासा.
जिला मुख्यालय चाईबासा में जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा मनरेगा बचाओ अभियान के तहत रविवार को गांधी मैदान में एक दिवसीय उपवास रखा गया एवं प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन किया गया. कांग्रेसियों ने मनरेगा मजदूरों के अधिकारों के लिए आवाज उठायी. इस मौके पर जिला पर्यवेक्षक व कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ प्रदीप कुमार बलमुचू ने कहा कि मनरेगा योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था और मजदूरों की जीवनरेखा है. उन्होंने कहा कि वर्तमान केंद्र सरकार इस योजना को लगातार कमजोर कर रही है. कांग्रेस मजदूरों के अधिकारों के लिए सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करेगी. उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि गांवों में न तो समय पर काम मिल रहा है और न ही मजदूरी भुगतान हो रहा है. उन्होंने इसे केंद्र सरकार की विफलता बताया. जिस योजना के साथ राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का नाम जुड़ा है, इसका नाम बदलना भाजपा की अविकसित सोच और मानसिकता को दर्शाता है.काम के अभाव में मजदूर पलायन को विवश : रंजन बोयपाई .
कांग्रेस जिलाध्यक्ष रंजन बोयपाई ने कहा कि काम और मजदूरी के अभाव में गरीब परिवार पलायन को मजबूर हैं. उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक प्रत्येक जरूरतमंद को रोजगार की गारंटी और बकाया भुगतान नहीं मिलता, यह आंदोलन जारी रहेगा. कांग्रेस ने मांग की है कि योजना में व्याप्त भ्रष्टाचार को खत्म कर इसे और अधिक सुदृढ़ बनाया जाए. कार्यक्रम का संचालन यूथ इंटक जिलाध्यक्ष सुरेश सावैयां, जबकि धन्यवाद ज्ञापन कांग्रेस जिला प्रवक्ता त्रिशानु राय ने किया. कांग्रेसियों ने मजदूरों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया.ये थे उपस्थित :
इस मौके पर दीनबंधु बोयपाई, पूर्व जिलाध्यक्ष सन्नी सिंकु, जिला महासचिव कैरा बिरुवा, मासूम रजा, युवा कांग्रेस जिला महासचिव गुलजार अंसारी, पूर्व जिला कोषाध्यक्ष राधामोहन बनर्जी, पूर्व जिला सचिव रामसिंह सावैयां, वीरसिंह बालमुचू, विनीत लागुरी, लियोनार्ड बोदरा, अविनाश कोड़ाह आदि मौजूद थे.
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