Chaibasa News : महिलाओं को पैतृक संपत्ति में अधिकार नहीं

Published by : ATUL PATHAK Updated At : 18 Jan 2026 11:44 PM

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चाईबासा. आदिवासी हो समाज महासभा के अधिवेशन में लिया गया निर्णय

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चाईबासा. आदिवासी हो समाज महासभा के दो दिवसीय अधिवेशन का समापन रविवार को हुआ. इसमें निर्णय लिया गया कि महिलाओं का पैतृक संपत्ति में जन्मजात अधिकार नहीं होगा. परिस्थितिजन्य अधिकार, जो परंपरा से चली आ रही है, वह मिलते रहेगा. हो समाज में नयी पीढ़ियों को दादा-दादी के संगत को बढ़ावा देने का निर्णय लिया गया. हो समाज की परंपराओं से नयी पीढ़ी को रूबरू कराने पर जोर दिया गया. शिक्षा के क्षेत्र में समाज के प्रथम पाठशाला परिवार में ही प्राथमिक शिक्षा को प्रोत्साहित कर आधार मजबूत करना है. स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए स्थानीय संसाधनों के इस्तेमाल को सामाजिक रूप से प्रोत्साहित किया जायेगा.

महासचिव ने सालभर चले कार्यक्रमों की जानकारी दी :

महासचिव सोमा कोड़ा ने सालभर समाज में चल रहे कार्यक्रमों की जानकारी दी. समाज का विश्वास बनाये रखने के लिए महासभा ने बाला-बापला, शादी-विवाह की नियमावली तैयार की. आनेवाले दिनों में यह किताब के रूप में सामने आयेगा. हो भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल करने के लिए इस बार भी दिल्ली में धरना-प्रदर्शन किया गया. चर्च में हेरो पर्व मनाने को लेकर महासभा ने अपना आक्रोश प्रशासन के समक्ष दिखाया. ओडिशा में महासभा के नेतृत्व में एक दिन में मागे पर्व का आयोजन कराया गया. यह महासभा के लिए बड़ी उपलब्धि रही. कोषाध्यक्ष चैतन्य कुंकल ने साल भर की आय-व्यय का ब्यौरा रखा. इसका अनुमोदन किया गया.

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