मझगांव. पश्चिम सिंहभूम जिले में एक से नौ जनवरी तक 20 ग्रामीणों को मार डालने वाले हाथी का बीते 96 घंटे से पता नहीं है. वहीं, वन विभाग की टीम थर्मल सेंसर व ड्रोन कैमरा के मदद से झारखंड-ओडिशा सीमा के जंगलों का खाक छान रहा है. वहीं, जंगल से सटे गांवों में हाथी का दहशत बरकरार है. मझगांव प्रखंड के तिलोकुटी गांव में हाथी के हमले में बीते शुक्रवार को तीन लोगों की मौत हुई थी. इसके बाद से कई परिवारों ने गांव छोड़कर अपने रिश्तेदारों के यहां शरण ली है. अब भी सुभाष महाराणा और झींगी कुई का परिवार ओडिशा से नहीं लौटा है. शाम होते ही गांव में सन्नाटा पसर जाता है.
झाड़ियों की सफाई में जुटे ग्रामीण:
तिलोकुटी गांव में आबादी क्षेत्र के आसपास झाड़ियों की सफाई में ग्रामीण जुटे हैं. वहीं, स्ट्रीट लाइट लगायी जा रही है. मुखिया प्रताप चातार ने कहा कि हृदय विचारक घटना से क्षेत्र के लोग डरे सहमे हैं. राहत पहुंचाने के लिए सफाई व स्ट्रीट लाइट लगवायी जा रही है.एक अन्य हाथी गांवों में घुसकर मचा रहा उत्पात:
प्रखंड की नयागांव और घोडाबांधा पंचायत के गांवों में एक अन्य हाथी बीते चार दिनों से उत्पात मचा रहा है. लोगों के घरों को तोड़कर धान-चावल खा रहा है. रविवार रात को नयागांव पंचायत में एक घर तोड़कर धान खा गया. वहीं, सोमवार रात लगभग 9:00 बजे घोडाबांधा पंचायत के कुबासाई गांव पहुंच गया. वही हाथी मंगलवार शाम लगभग 5:00 बजे हेसलबेरल गांव पहुंच गया था. ग्रामीणों ने जंगल की ओर खदेड़ दिया.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

