Chaibasa News : अफीम की जगह पारंपरिक खेती करें किसान : बीडीओ
Updated at : 25 Oct 2025 11:12 PM (IST)
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चक्रधरपुर अंचल कार्यालय में सीओ सुरेश कुमार सिन्हा तथा बीडीओ कांचन मुखर्जी ने चक्रधरपुर क्षेत्र में अफीम की खेती नहीं करने के लिए मुखियाओं के साथ बैठक की.
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चक्रधरपुर.
चक्रधरपुर अंचल कार्यालय में सीओ सुरेश कुमार सिन्हा तथा बीडीओ कांचन मुखर्जी ने चक्रधरपुर क्षेत्र में अफीम की खेती नहीं करने के लिए मुखियाओं के साथ बैठक की. मौके पर सीओ ने कहा कि वे अपने क्षेत्र में कहीं भी अफीम की खेती नहीं करने दें. इसके लिए ग्रामीणों को जागरूक करें, ताकि क्षेत्र में अफीम की खेती को रोका जा सके. इसके लिए सरकार लगातार ग्रामीणों को जागरूक कर रही है. उन्होंने कहा कि अफीम की खेती से परिवार और समाज पर गलत प्रभाव पड़ता है. अवैध व्यापार और संगठित अपराध को बढ़ावा मिलता है. इससे सामाजिक अराजकता फैलती है. इसका सेवन कई स्वास्थ्य समस्याओं की जड़ है. नशे की लत मानसिक रोग समेत अन्य शारीरिक बीमारियां फैलाती है. अफीम की खेती में जल और मिट्टी का अत्यधिक उपयोग होता है. इससे पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है. उस क्षेत्र में पानी की कमी और मिट्टी की उर्वरा शक्ति प्रभावित होती है. इससे समाज में हिंसा, अपराध और अन्य असामाजिक गतिविधियां बढ़ती हैं. अफीम के सेवन से शारीरिक और मनोवैज्ञानिक निर्भरता बढ़ती है. ओवरडोज की स्थिति पैदा हो सकती है. इसलिए सभी मुखिया ग्रामीणों के बीच लगातार जागरुकता अभियान चलायें, ताकि चक्रधरपुर प्रखंड में कहीं भी अफीम की खेती न हो सके. अफीम की जगह किसान पारंपरिक खेती करें. मौके पर पंचायती राज पदाधिकारी मनोज तांती, प्रखंड कृषि पदाधिकारी दिलीप कुमार महतो समेत काफी संख्या में मुखिया मौजूद थे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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