जैंतगढ़. चंपुआ (ओडिशा) प्रखंड के भंडा स्थित केवी उच्च विद्यालय प्रबंधन की लापरवाही से छठी की छात्रा की मौत का आरोप लगाते हुए परिजनों व ग्रामीणों ने सोमवार की आधी रात को शव के साथ स्कूल गेट पर प्रदर्शन किया. मामले की उचित जांच कर न्याय की मांग की. सूचना पाकर बारिया थाना की पुलिस पहुंची. ग्रामीणों को समझा कर धरने से उठाया. मामले में न्याय दिलाने का आश्वासन दिया. प्रखंड स्तर से शिक्षा पदाधिकारी जांच में जुट गये हैं.
आवेदन देने पर बीमार बच्ची को नहीं दी छुट्टी
जानकारी के अनुसार, चंपुआ प्रखंड अंतर्गत रंगामाटिया पंचायत के रोरुवा गड़ा गांव निवासी मित्रभानु नायक की पुत्री नंदनी नायक (11) भंडा के केवी उच्च विद्यालय के बालिका छात्रावास में रहकर छठी कक्षा में पढ़ाई कर रही थी. आरोप है कि कुछ दिन पहले नंदनी की तबीयत खराब हो गयी. उसने घर जाने के लिए छुट्टी मांगी. काफी अनुरोध के बाद भी छुट्टी नहीं दी गयी.तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर मां को बुलाकर सौंपा, अस्पताल में मौत
आरोप है कि तबीयत काफी बिगड़ने पर स्कूल ने नंदनी की मां को बुलाया. एक सादे कागज पर हस्ताक्षर करने के बाद नंदनी को ले जाने को कहा. नंदनी की मां के अनुसार, नंदनी का हाथ-पांव फूल गया था. वह खड़ी नहीं हो पा रही थी. नंदनी की मां ने उसे सीधे भंडा स्वास्थ्य केंद्र ले गयी. उसकी हालत गंभीर देख क्योंझर रेफर कर दिया गया. क्योंझर से कटक बड़ा अस्पताल रेफर कर दिया गया. वहां चार दिन इलाज के बाद उसकी मौत हो गयी.
स्कूल प्रबंधन ने आरोपों को खारिज किया
इधर, स्कूल प्रशासन सभी आरोपों को खारिज कर रहा है. उसका कहना है कि नंदनी को स्वस्थ अवस्था में उसकी मां आधार कार्ड का बायोमीट्रिक अपडेट करने के लिए घर ले गयी थी. अब सवाल उठता है कि नंदनी स्वस्थ होती, तो उसकी मां उसे आधार केंद्र न ले जाकर सीधे अस्पताल क्यों ले गयी. कटक से नंदनी का शव आते ही ग्रामीण आक्रोशित हो उठे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

