बोकारो थर्मल में स्क्रैप घोषित 630 मेगावाट वाले डीवीसी के बी पावर प्लांट के डिसमेल्टिंग का कार्य समाप्ति की ओर है. इसकी दो नंबर चिमनी को गिराने के लगभग ढाई माह बाद बुधवार को शेष एक और तीन नंबर चिमनी को गिरा दिया गया. एक नंबर चिमनी को दोपहर लगभग डेढ़ बजे तथा तीन नंबर चिमनी को दो पार्ट में शाम साढ़े पांच व छह बजे गिरा दिया गया. चिमनियों के गिराये जाने के बाद प्लांट क्षेत्र सहित सिक्स यूनिट, रेलवे स्टेशन और आसपास में छाई व धूल भर गया. मालूम हो कि 31 साल तक बी प्लांट को सफलतापूर्वक चलाने के बाद एक अप्रैल 2021 को रिटायर किया गया था. बाद में इसे स्क्रैप घोषित कर कटिंग करने को लेकर निविदा निकाली गयी. जून-जुलाई 2023 में प्लांट के कटिंग के लगभग 300 करोड़ रुपये का कार्य हैदराबाद की कंपनी राधा स्मेलटर्स को दिया गया था. 12 सितंबर को कंपनी के द्वारा एक्सपर्ट की मौजूदगी में दो नंबर चिमनी को गिराया गया था. बाद में कंपनी व मजदूरों के बीच विवाद के कारण अन्य दो चिमनियों को गिराने का कार्य रोक दिया गया था. डीवीसी प्रबंधन द्वारा कार्य को लेकर कंपनी को एक माह का कार्य विस्तार दिया गया था. चिमनियों को गिराने के बाद बोकारो थर्मल में 800 मेगावाट के नये पावर प्लांट निर्माण को लेकर सभी प्रकार की कार्रवाई शुरू करने का रास्ता साफ हो गया.
सिंक्रोनाइज के दस घंटे बाद ही उत्पादन ठप
बोकारो थर्मल स्थित डीवीसी के 500 मेगावाट वाले ए पावर प्लांट की यूनिट को मंगलवार की दोपहर तीन बजे सिंक्रोनाइज करने के दस घंटे बाद बुधवार की रात लगभग डेढ़ बजे इससे उत्पादन बंद करना पड़ा. उस समय इस यूनिट से लगभग 300 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा था. इस संबंध में एचओपी सुशील कुमार अरजरिया का कहा कि इएसपी के स्टीम सेफ्टी वॉल्व में लिकेज की समस्या आयी है. संभवत: गुरुवार की शाम तक यूनिट को फिर से लाइटअप किया जायेगा.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

