Bokaro News : केबी कॉलेज में एक दशक से अधूरा है फिजिक्स विभाग का भवन

Published by : JANAK SINGH CHOUDHARY Updated At : 07 Dec 2025 10:51 PM

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Bokaro News : केबी कॉलेज बेरमो के परिसर में फिजिक्स विभाग के नये भवन का निर्माण एक दशक से ज्यादा समय से अधूरा पड़ा है.

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केबी कॉलेज बेरमो के परिसर में फिजिक्स विभाग के नये भवन का निर्माण एक दशक से ज्यादा समय से अधूरा पड़ा है. वर्ष 2012-12 में कॉलेज परिसर के नीचे साइड में जंतु विभाग के नये भवन का निर्माण कार्य हुआ. इसके ऊपरी मंजिल पर फिजिक्स विभाग का नया भवन बनना था. झारखंड सरकार के एसआरडी द्वारा इसके लिए 56 लाख रुपये स्वीकृत किये गये. इसमें से लगभग 23 लाख रुपये खर्च हुए और मात्र दीवारें खड़ी की गयीं. दरवाजा-खिड़की तक नहीं लगाया गया. कॉलेज प्रबंधन के अनुसार विभाग ने शेष 33 लाख रुपये नहीं दिये और इसके कारण भवन अधूरा पड़ा हुआ है. इधर, पिछले सत्र में रुसा (उच्चतर शिक्षा) ने कॉलेज प्रबंधन से पत्राचार किया, जिसके बाद कॉलेज परिसर की मिट्टी की जांच हुई. जानकारी के अनुसार इस कॉलेज को आदर्श कॉलेज बनाना है, जिसके तहत एडमिनिस्ट्रेटिव बिल्डिंग व इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए एचआरडी से आये इंजीनियरों की टीम ने कॉलेज आकर निरीक्षण किया है.

पीएम उषा के तहत मिलने वाले फंड का है इंतजार

प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान (पीएम उषा) के तहत मिलने वाले फंड का कॉलेज प्रबंधन इंतजार कर रहा है. कॉलेज प्रबंधन के अनुसार वर्ष 2023 में झारखंड सरकार के एचआरडी विभाग से आये एक प्रतिनिधिमंडल ने कॉलेज का निरीक्षण किया था. कॉलेज परिसर की मिट्टी की जांच, कॉलेज के नक्शा का वेरीफिकेशन व विकास कार्यों की मेपिंग की थी. वर्ष 2023 से लेकर अब तक दो बार एचआरडी विभाग की ओर से कॉलेज कानिरीक्षण व मुआयना किया जा चुका है. प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान के तहत कॉलेज में प्रशासनिक भवन, ऑडिटोरियम, प्राचार्य आवास, साइकिल स्टैंड के अलावा कॉलेज के अधूरे भवनों को पूरा करना है. इसके अलावा पूरे कॉलेज में रिनोवेशन का काम होना है. कॉलेज प्रबंधन की माने तो करीब 70 करोड़ रुपये की लागत से उक्त सारे कार्य होंगे. इसकी स्वीकृति मिल गयी है. अब प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान इसे झारखंड सरकार के एचआरडी विभाग को देगा. एचआरडी इसे भवन निर्माण विभाग, झारखंड सरकार को पुटअप करेगा. इसके बाद फंड की स्वीकृति मिलते ही काम शुरू होंगे.

फंड नहीं मिलने से नेक का काम भी चल रहा है पीछे

मालूम हो कि हर पांच साल पर विश्वविद्यालय स्तर से कॉलेज को डेवलपमेंट के लिए फंड मिलता है. वर्ष 2017 में इस कॉलेज को नेक का एक्रेडेशन (प्रत्यायन) मिला था. इसके बाद रुसा द्वारा इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिए करीब 14.5 लाख रुपये की अनुशंसा की गयी थी. इस राशि से कॉलेज में रंग-रोगन हुआ. कुछ आलमारियां खरीदी गयी और अन्य कई कार्य कराये गये. वर्ष 2017 में नेक की पीआर टीम ने निरीक्षण कर कॉलेज को बी ग्रेड दिया था. हर पांच साल में नेक का एक्रेडेशन (प्रत्यायन) लेना पड़ता है. लेकिन वर्ष 2022 में एक्रेडेशन (प्रत्यायन) फेल हो गया. इसलिए अब रुसा से राशि की अनुशंसा नहीं की जाती है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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