स्वामी विवेकानंद की 163वीं जयंती सोमवार को कई स्कूलाें में मनायी गयी. डीएवी स्वांग में प्राचार्या डी बनर्जी और शिक्षक- शिक्षिकाओं ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी. प्राचार्या ने स्वामी जी के विचारों की प्रासंगिकता पर बल दिया. कहा कि वास्तविक सफलता सुविधाओं से नहीं, कठोर अनुशासन और निरंतर संघर्ष से प्राप्त होती है. स्वामी जी ने युवाओं को विलासिता के बजाय आत्मिक शक्ति और चरित्र निर्माण का मार्ग दिखाया. युवा ही समाज में नव-परिवर्तन और नयी चेतना का संचार कर महापुरुषों के सपनों के भारत का निर्माण कर सकते हैं. मौके पर शिक्षक किशोर कुमार, सुवर्णा श्री, राकेश कुमार पांडेय, संजय कुमार पांडेय, मिथिलेश कुमार सिंह, कविता राय, शिप्रा सरकार, रिंकू विश्वकर्मा आदि उपस्थित थे. केंद्रीय विद्यालय चंद्रपुरा में कार्यक्रम का उद्घाटन प्राचार्य संजय प्रसाद व प्रधानाध्यापक महेश कुमार ने उनके चित्र पर माल्यार्पण कर किया. प्राचार्य ने कहा कि विद्यार्थियों को स्वामी विवेकानंद के विचारों व जीवन से सीख लेनी चाहिए. उन्होंने युवाओं को आत्मविश्वासी, कर्मठ व चरित्रवान बनने का संदेश दिया. प्रधानाध्यापक ने कहा कि स्वामी विवेकानंद के आदर्श जीवन में सही दिशा दिखाते हैं. बालवाटिका-3 के प्रणव राज साहू ने स्वामी विवेकानंद की वेशभूषा में उनके विचार रखे. सात्विक सौरभ ने भी उनके विचार प्रस्तुत किये. पांचवी कक्षा की आलिया सिंह ने परीक्षा पर चर्चा विषय पर विचार रखे. कक्षा तीन के परिशु आर्या और कक्षा नौ की हिना कौशर ने भी अपनी बात कही. छोटे-छोटे बच्चों ने स्वामी विवेकानंद की वेशभूषा में कार्यक्रम प्रस्तुत किया़ कार्यक्रम का संचालन राजश्री ने किया. पंडित बागेश्वरी पांडेय सरस्वती विद्या मंदिर देवनगर दुगदा में प्रधानाचार्य वरुण कुमार चौधरी, सहयोगी आचार्य विश्वनाथ दुबे विद्यार्थियों ने श्रद्धांजलि दी. प्रधानाचार्य ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने विश्व को ज्ञान, अध्यात्म व हिंदुत्व का महत्व बताया था. छात्र-छात्राएं उनके आदर्शों को अपनाने का संकल्प लें. अक्षय कुमार, अनन्या हिमांशु, साकेत कुमार, एंजेल प्रिया ने उनकी जीवनी पर प्रकाश डाला. कार्यक्रम का संचालन आचार्य अभिषेक प्रसाद गुप्ता ने किया. मौके पर रक्तदान शिविर भी लगाया गया.
पूर्व छात्र सम्मेलन का आयोजन
अनपति देवी सरस्वती शिशु विद्या मंदिर फुसरो में सोमवार को राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर पूर्व छात्र सम्मेलन का आयोजन किया गया. विद्यालय के सचिव अमित कुमार सिंह, उपाध्यक्ष रामनरेश द्विवेदी, कोषाध्यक्ष दीपक कुमार अग्रवाल, युवा नेता प्रकाश कुमार सिंह व पूर्ववर्ती छात्र-छात्राओं ने स्वामी विवेकानंद की तस्वीर पर पुष्प अर्पित किये. विद्यालय सचिव ने कहा कि पूर्ववर्ती छात्र-छात्राएं विद्या भारती की मूल पूंजी है. देश प्रेम और समर्पण के भाव को कभी भूलना नहीं चाहिए. कोषाध्यक्ष ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने हिंदू धर्म के दर्शन से पश्चिमी देशों को परिचित कराया था. शिक्षक नवल किशोर सिंह ने कहा कि पूर्व छात्र परिषद छात्रों का एक संगठन है, जो स्कूलों और कॉलेजों में छात्रों की आवाज बनता है. इसके बाद पूर्व छात्र कार्यकारिणी का गठन किया गया. इसमें अध्यक्ष मनिंद्र कुमार, उपाध्यक्ष शशि रंजन सिंह, संयोजक दीपक कुमार अग्रवाल, मिशा कुमारी, रूपा, सचिव रोहित मित्तल, सह सचिव संदीप कुमार सिंह बनाये गये. कार्यक्रम में धन्यवाद ज्ञापन शिक्षक साधन चंद्र धर ने किया.
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