बच्चों की प्रतिभा को पहचानें व उनके अच्छे कार्य की सराहना करें : सूरज

Updated at : 18 Jun 2024 11:46 PM (IST)
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बच्चों की प्रतिभा को पहचानें व उनके अच्छे कार्य की सराहना करें : सूरज

चिन्मय विद्यालय बोकारो में दो दिवसीय इनहाउस कार्यशाला का आयोजन, जब भी संभव हो, रचनात्मक तरीके से माहौल को बदलने की सोचें

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बोकारो. जो बच्चे स्कूल जाते हैं, वे अपने दिन का ज़्यादातर समय अपनी कक्षाओं में ही बिताते हैं. पढ़ाई और शिक्षा के प्रभावशाली होने के लिए यह महत्वपूर्ण है कि कक्षायें सुरक्षित, खुशहाल व उपयोगी हों. इसके लिये कई उपाय हैं, जिनकी मदद से शिक्षक कक्षा के माहौल को सकारात्मक बना सकते हैं. जरूरत है कि बच्चों की प्रतिभा को जरूर पहचाने. छात्रों के अच्छे कार्य की सराहना अवश्य करें. ये बातें चिन्मय विद्यालय बोकारो के प्राचार्य सूरज शर्मा ने दो दिवसीय इनहाउस कार्यशाला के पहले सत्र में शिक्षकों को संबोधित करते हुए कही. कहा कि जब भी संभव हो, रचनात्मक तरीके से माहौल को बदलने के बारे में सोचें. शाबाश शब्द बच्चों में सकारात्मक रचना बनाने में सहायक होता है. छात्र जीवन में लक्ष्य निरंतर बदलता रहता है.

खुशहाल कक्षा की बारीकियों और महत्व से अवगत हुए शिक्षक-शिक्षिका

श्री शर्मा ने कहा कि सामान्यत: हमारी शिक्षा व्यवस्था हर बच्चे को एक ही सांचे में ढालना चाहती है. उदंडता का यह भी एक कारण हो सकता है, क्योंकि सब एक ही सांचे में ढल पाएं, ऐसा जरूरी नहीं है. दूसरे सत्र में डॉ नमिता शर्मा ने सभी शिक्षकों को खुशहाल कक्षा की बारीकियों और महत्व को बताया. कहा कि हर शिक्षक और हर छात्र अनोखा होता है. सकारात्मक भावनाओं को साझा करें. अच्छे काम को करते रहने के लिए प्रोत्साहन दें. अभिभावक व शिक्षक अधिकतर परिणामों और नतीजो पर ध्यान देते हैं, जो महत्वपूर्ण है. लेकिन, साथ ही तरीके या पद्धति को भी समान महत्व देना चाहिए. रचनात्मक तरीके से माहौल को बदलने के बारे में सोचें. पद्धति को गतिशील, निरंतर विकासशील व बदलावकारी होना चाहिए.

शिक्षा व शिक्षण पद्धति से टीचर का अप-टू-डेट होना जरूरी : महेश त्रिपाठी

स्कूल कमेटी के सचिव महेश त्रिपाठी ने कहा कि शिक्षा व शिक्षण पद्धति से शिक्षक-शिक्षिकाओं का अप-टू-डेट होना बहुत जरूरी है. ऐसे में इस तरह के कार्यक्रम का आयोजन लाभदायक होता है. इससे शिक्षकों को लाभ होगा. राहुल रॉय ने फाइनेंस लिट्रेसी पर कार्यशाला का संचालन किया. उन्होंने कहा कि शिक्षकों व विद्यार्थियों दोनों के लिए फाइनेंस की सही जानकारी अवश्य होनी चाहिये. हमसभी के लिए बचत योजनाओं व निवेश की आदतों के सही अध्ययन करना चाहिए. उन्होंने म्यूच्यूअल फंड, बचत, निवेश, खर्च, इनकम टैक्स रिटर्न्स के बारे में विस्तार से बताया. मौके पर आरएन मल्लिक, उप प्राचार्य नरमेंद्र कुमार के साथ-साथ सभी शिक्षक व शिक्षिकायें उपस्थित थे.

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