ePaper

Bokaro News : लंबे समय तक बंद रहते हैं कई रेल फाटक, लोग परेशान

Updated at : 19 Nov 2025 11:46 PM (IST)
विज्ञापन
Bokaro News : लंबे समय तक बंद रहते हैं कई रेल फाटक, लोग परेशान

Bokaro News : बेरमो कोयलांचल क्षेत्र में कई रेलवे फाटक अक्सर लंबे समय तक बंद रहते हैं. इससे लोग परेशान हैं.

विज्ञापन

राकेश वर्मा/आकाश कर्मकार, बेरमो/फुसरो, बेरमो कोयलांचल क्षेत्र में पिछले कई माह से कई रेलवे फाटक अक्सर लंबे समय तक बंद रहते हैं. इससे लोग परेशान हैं. पुराना बीडीओ ऑफिस- ढोरी स्टाफ क्वार्टर, भंडारीदह, बेरमो, जरीडीह तथा जारंगडीह रेलवे फाटक प्रतिदिन तीन से चार घंटे तक बंद रहते है. इस दौरान फाटकों के दोनों ओर पर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं. इसके कारण आम लोगों के अलावा स्कूली बच्चों को परेशानी होती है. कई बार तो मरीज को लेकर जा रही एंबुलेंस भी फंस जाती है. कई बार तो कोई फाटक आधा घंटा से लेकर 40 मिनट तक बंद रह जाता है. समस्या झेल रही जनता के लिए ना तो ओवरब्रीज निर्माण किया जा रहा है और न ही अंडर पास की व्यवस्था. हालांकि रेलवे सूत्रों का कहना है कि भंडारीदह रेलवे फाटक में अंडर पास तथा ढोरी स्टाफ क्वार्टर रेलवे फाटक में ओवरब्रिज निर्माण की स्वीकृति मिल चुकी है और जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होगा.

स्थानीय लोगों का कहना है कि रेलवे फाटक के अक्सर बंद रहने का मुख्य कारण है कोयला लेकर जाने वाली मालगाड़ियां. सीसीएल ढोरी, बीएंडके एवं कथारा एरिया की साइडिंगों से प्रतिदिन देश के विभिन्न पावर प्लाटों के लिए कोयला लेकर मालगाड़ियां जाती हैं. बेरमो क्षेत्र से रोजाना 10-15 मालगाड़ियां कोयला लेकर जाती हैं. यह आंकड़ा बरसात से पहले और ज्यादा थी. जबकि इसी रेल मार्ग से डीवीसी के बीटीपीएस व सीटीपीएस को भी कोयले की आपूर्ति की जाती है. रेलवे रैक निकालने के क्रम में भंडारीदह रेलवे स्टेशन के पास रेलवे वैगन साइडिंग में प्रवेश कराने के दौरान, करगली वाशरी में वैगन प्रवेश कराने के दौरान तथा जारंगडीह साइडिंग में वैगन प्रवेश कराने के दौरान रेल इंजन को आगे से पीछे लाने तथा उसके बाद वैगन को पुश कर साइडिंग में प्रवेश कराने के दौरान 30 से 40 मिनट का समय लगता है.

प्रतिमाह रेलवे को मिलता है 172 करोड़ रुपया का किराया

जानकारी के अनुसार सीसीएल बेरमो कोयला क्षेत्र से रेलवे वैगन के किराये से प्रतिमाह 172 करोड़ रुपया रेलवे को प्राप्त होता है. अगर यहां से हरियाणा के लिए कोयला जा रहा है तो 2360 रुपये प्रति टन के दर से रेलवे द्वारा किराया वसूला जाता है. एक बॉक्स में न्यूनतम 65 टन कोयला लोड होता है. एक रेल वैगन में 65 बॉक्स होते हैं. इसी तरह कोडरमा जाने वाले रेलवे रैक से 489 व चंद्रपुरा के लिए 216 रुपये प्रतिटन किराया वसूला जाता है. इस तरह औसत 1000 रुपये प्रतिटन किराया मान लिया जाये तो एक रैक के लिए 38 लाख 35 हजार किराया होता है. प्रतिदिन 15 रैक निकलता है तो रेलवे को पांच करोड़ 75 लाख रुपया से ज्यादा किराया मिलता है. इस तरह एक माह में 172 करोड़ रुपये से ज्यादा किराया रेलवे को मिलता है.

क्या कहते हैं अधिकारी

इस संबंध में रेलवे विभाग, धनबाद मंडल के पीआरओ आदित्य पासवान ने बताया कि अंडर पास या ओवरब्रिज के लिए प्रस्ताव भेजा गया है. जल्द कोई न कोई योजना धरातल पर उतरेगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
JANAK SINGH CHOUDHARY

लेखक के बारे में

By JANAK SINGH CHOUDHARY

JANAK SINGH CHOUDHARY is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola