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झारखंड के बोकारो में स्मॉल फाइनेंस कंपनी का लोन कैंसिल कराने का झांसा देकर महिलाओं से 30 लाख की ठगी, ऐसे हुआ खुलासा

Updated at : 07 Apr 2024 9:57 PM (IST)
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ठगी की शिकार महिलाएं

ठगी की शिकार महिलाएं

झारखंड के बोकारो रेलवे फाटक के समीप झुग्गी-झोपड़ियों में रहनेवाली महिलाओं से ठगी हुई है. स्मॉल फाइनेंस कंपनी का लोन कैंसिल कराने का झांसा देकर महिलाओं से 30 लाख की ठगी की गयी है. आरोपी महिला फरार है.

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बोकारो, रंजीत कुमार: झारखंड के बोकारो में स्मॉल फाइनेंस कंपनी से लोन दिलाने के नाम पर ठगी का मामला सामने आया है. ये मामला बोकारो रेलवे फाटक के समीप झुग्गी-झोपड़ियों में रहनेवाली महिलाओं से जुड़ा है. स्थानीय लोगों के अनुसार एक महिला समूह की टीम लीडर जहीरा बेगम ने समूह की महिलाओं के नाम पर 25-30 लाख रुपये की ठगी को अंजाम दिया है. महिलाओं को जानकारी तब हुई, जब स्मॉल फाइनेंस कंपनी (भारत फाइनेंसियल इनक्लूसन लिमिटेड) के अधिकारी रकम की रिकवरी के लिए पहुंचे. इस संबंध में पीड़िताओं ने बालीडीह थाने में आवेदन देकर जांच की मांग की है.

लोन कैंसिल के लिए मशीन में लगवाया अंगूठा
पीड़ित महिलाओं व परिजनों ने बताया कि जहीरा बेगम ने महिलाओं को बताया कि उनके नाम पर लोन स्वीकृत हुआ है. महिलाओं ने लोन लेने से मना कर दिया. जहीरा बेगम ने महिलाओं को समझाया कि अगर लोन नहीं लेना है, तो तीन बार पॉश मशीन में अंगूठा लगाना होगा. ऐसा करने से लोन कैंसिल हो जाएगा. महिलाओं ने जहीरा बेगम के कहे के अनुसार लोन कैंसिल करने के नाम पर तीन बार अंगूठा मशीन में लगा दिया. इसके बाद सबकुछ सामान्य रहा. इसी बीच जहीरा बेगम अपनी झोपड़ी बेचकर फरार हो गयी.

30 से 35 लाख की ठगी
लोन फाइनेंस करनेवाले अधिकारी रकम रिकवरी करने पहुंचे, तो इसके बाद सभी महिलाओं को ठगी होने का पता चला. समूह में 25 से 30 महिलाएं हैं. सभी से एक-एक लाख रुपए से अधिक की ठगी हुई है. ठगी की राशि 30 से 35 लाख रुपए तक बतायी जा रही है.

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महिलाओं ने की कार्रवाई की मांग
पीड़ित परिवार वालों ने प्रशासन से फर्जीवाड़ा करने वाली महिला सहित स्मॉल फाइनेंस कंपनी पर भी कार्रवाई की मांग की है. पीड़िताओं का कहना है कि हम लोगों से लोन कैंसिल के नाम पर अंगूठा लगवाया गया था. इसके बाद भी अगर बैंक ने लोन दिया, तो हमें पैसा क्यों नहीं दिया गया? जब हमें पैसा मिला ही नहीं, तो वसूली के नाम पर हमें प्रताड़ित क्यों किया जा रहा है?

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Guru Swarup Mishra

लेखक के बारे में

By Guru Swarup Mishra

मैं गुरुस्वरूप मिश्रा. फिलवक्त डिजिटल मीडिया में कार्यरत. वर्ष 2008 से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से पत्रकारिता की शुरुआत. आकाशवाणी रांची में आकस्मिक समाचार वाचक रहा. प्रिंट मीडिया (हिन्दुस्तान और पंचायतनामा) में फील्ड रिपोर्टिंग की. दैनिक भास्कर के लिए फ्रीलांसिंग. पत्रकारिता में डेढ़ दशक से अधिक का अनुभव. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एमए. 2020 और 2022 में लाडली मीडिया अवार्ड.

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