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Bokaro news : गोविंदपुर यूजी बंद करने के बिंदु पर जीएम ने लिया सुझाव

Updated at : 13 Sep 2024 1:50 AM (IST)
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Bokaro news : गोविंदपुर यूजी बंद करने के बिंदु पर जीएम ने लिया सुझाव

Bokaro news : सीसीएल कथारा स्थित ऑफिसर्स क्लब में गुरुवार को जीएम की अध्यक्षता में हुई बैठक में क्षेत्र की गोविंदपुर यूजी माइंस बंद करने को लेकर एसीसी सदस्यों से सुझाव लिया गया.

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Bokaro news : सीसीएल कथारा स्थित ऑफिसर्स क्लब में गुरुवार को जीएम की अध्यक्षता में हुई बैठक में क्षेत्र की गोविंदपुर यूजी माइंस बंद करने को लेकर एसीसी सदस्यों से सुझाव लिया गया.

प्रतिनिधि, कथारा.

सीसीएल कथारा स्थित ऑफिसर्स क्लब में गुरुवार को क्षेत्र के गोविंदपुर यूजी माइंस बंद करने सहित कई मुख्य बिंदुओं को लेकर एसीसी सदस्यों के साथ जीएम संजय कुमार की अध्यक्षता में बैठक हुई. जीएम संजय कुमार ने एसीसी सदस्यों के समक्ष क्षेत्र के उत्पादन, उत्पादकता एवं डिस्पैच की विस्तृत जानकारी दी. कहा कि इस वर्ष कोयले का वार्षिक उत्पादन लक्ष्य 44 लाख 20 टन निर्धारित किया गया है. इसमें 11 सितंबर तक 8 लाख 28 हजार 908 टन उत्पादन हुआ. वहीं ओबीआर 31 लाख 95 हजार 13 टन उत्पादन हुआ तथा 9 लाख 38 हजार 9 टन कोयले का डिस्पैच किया गया. बावजूद गत वर्ष की अपेक्षा कोयला, ओबीआर उत्पादन एवं डिस्पैच में काफी पीछे रहा. इस तरह स्वांग-गोविंदपुर फेज-टू एवं कथारा कोलियरी माइंस में बरसात का पानी जमा हो जाने से उत्पादन में पीछे रहना मुख्य वजह रहा.

सुरक्षा की दृष्टि से अब माइंस चलाना मुश्किल :

जीएम ने विशेष कर गोविंदपुर यूजी माइंस पर ध्यान आकृष्ट कराते हुए कहा कि सुरक्षा की दृष्टिकोण से अब यह माइंस चलाना मुश्किल है. यहां मैन पावर लगभग साढ़े तीन से चार सौ के आसपास है. साथ ही वर्तमान में एक टन कोयला निकासी में 83 हजार रुपये का नुकसान हो रहा है. इस तरह गत अप्रैल से 11 सितंबर तक माइंस काे 36 करोड़ 92 लाख का नुकसान हो चुका है. इसके अलावा उन्होंने क्षेत्र के कौन सी परियोजना घाटे एवं लाभ में चल रही है, इसकी भी जानकारी दी. वहीं स्वांग कोलियरी पीओ एके तिवारी ने कहा कि क्षेत्रीय प्रबंधन ने सेफ्टी को देखते हुए छोटी-छोटी पहलुओं पर ध्यान देकर ही उद्योग हित में बंद करने का फैसला लिया है. इस पर सभी की सहमति होनी चाहिए.

किस सदस्य ने क्या-क्या दिये सुझाव :

बैठक में इस अहम बिंदु पर सभी एसीसी सदस्यों से सुझाव लिये गये. इनमें सदस्य सह जेसीएमयू के इकबाल अहमद, सीएमयू के पीके जायसवाल एवं एचएमकेयू के शमसुल हक, जमसं के रीतलाल महतो ने सुरक्षा की दृष्टिकोण के साथ-साथ कोयला निकासी में अत्यधिक खर्च आने पर माइंस को बंद कर देना ही उचित बताया. जबकि सीसीएल सीकेएस के राजू स्वामी, सीटू के प्रदीप कुमार विश्वास, एटक के मथुरा सिंह यादव, आरकेएमयू के विजय कुमार सिंह, एक्टू के बालगोविंद मंडल ने कहा कि माइंस को बंद कर देने के पूर्व प्रबंधन को हर स्तर पर विचार करते हुए बंद होने से कैसे बचाया जाए. इस पर चिंतन करनी चाहिए. प्रबंधन इस पर जल्दबाजी न करे.

कौन-कौन थे उपस्ठित :

बैठक में कथारा वाशरी पीओ विजय कुमार, कथारा कोलियरी पीओ डीके सिंह, एसओपी जयंत कुमार,एसओ सेफ्टी सीबी तिवारी, एसओ पीएंडपी अर्जुन प्रसाद, एएमओ डॉ एमएन राम, एसओ एक्स जे एस पैंकरा, एसओ सिविल संजय कुमार सिंह, एसओ वित्त राजीव रंजन, स्वांग वाशरी पीओ बैकुंठ मोहन बाबू, एसओ इनवायरमेंट एसएस पाल, क्षेत्रीय सुरक्षा पदाधिकारी एसके गुप्ता, कार्मिक प्रबंधक गुरुप्रसाद मंडल, सीएसआर उप प्रबंधक चंदन कुमार सहित कई अधिकारी थे. संचालन कार्मिक प्रबंधक गुरुप्रसाद मंडल ने किया.

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