सरकारी स्कूलों में फेल शिक्षक जाते हैं निजी स्कूलों में : जगरनाथ महतो

Updated at : 30 Jun 2020 6:33 AM (IST)
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सरकारी स्कूलों में फेल शिक्षक जाते हैं निजी स्कूलों में : जगरनाथ महतो

राज्य में सरकारी शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने को लेकर शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने एक पहल की है. इसके तहत वह पूरे राज्य में प्रखंडवार शिक्षकों के साथ खुली परिचर्चा करेंगे

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फुसरो नगर/भंडारीदह : राज्य में सरकारी शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने को लेकर शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने एक पहल की है. इसके तहत वह पूरे राज्य में प्रखंडवार शिक्षकों के साथ खुली परिचर्चा करेंगे. सोमवार को उन्होंने इसकी शुरुआत की. सुबह में उन्होंने चंद्रपुरा प्रखंड के शिक्षकों के साथ अलारगो स्थित मैदान में परिचर्चा की. इसमें काफी संख्या में सरकारी व पारा शिक्षक शामिल हुए. मंत्री ने कहा : पिछले 20 सालों से आपने कैसे कार्य किया, इसको पीछे छोड़ दीजिये. अब आगे बेहतर कैसे हो, इस पर विचार करें.

राज्य में लगभग 47 लाख बच्चे सरकारी स्कूलों में : राज्य में लगभग 47 लाख बच्चे सरकारी स्कूलों में पढ़ते हैं. लगभग 1.15 लाख सरकारी व पारा शिक्षक हैं. शिक्षा विभाग एक बच्चे की पढ़ाई पर औसतन सालाना 20-25 हजार रुपये खर्च करता है. इसके बावजूद रिजल्ट उस स्तर का नहीं है. प्राइवेट स्कूलों की बराबरी कैसे हो, इस पर कार्य करें. ऐसा नहीं है कि काबिल शिक्षक सरकारी स्कूलों में नहीं हैं. सरकारी शिक्षक के लिए होने वाली परीक्षा में फेल होने वाले अभ्यर्थी ही निजी स्कूलों में जाते हैं. केवल मानसिकता बदलने की जरूरत है.

35 हजार स्कूलों में मात्र पांच सौ हेडमास्टर : मंत्री ने कहा कि डुमरी प्रखंड के गलागी के एक शिक्षक ने सुझाव दिया था कि स्कूलों में हेडमास्टर की कमी दूर की जाये. पता किया तो देखा कि 35 हजार स्कूलों में मात्र पांच सौ हेडमास्टर हैं. विभाग को जिम्मेदारी दी है कि जैसे भी हो, सभी स्कूलों में हेडमास्टर नियुक्त हो. मंत्री ने कहा कि पारा शिक्षकों को हक देने के लिए किसी ने हिम्मत नहीं दिखायी, हमने शुरुआत की है. इसका रिजल्ट बेहतर होगा.

लॉकडाउन के कारण बच्चों की पढ़ाई बाधित हुई है. ऐसे में शिक्षक दूरी बना कर रोस्टर अनुसार खुली जगह पर पढ़ाई करवाएं. अलग-अलग दिन अलग-अलग बच्चों के घरों में जाकर भी उन्हें किताबों से जानकारी दे सकते हैं.

शिक्षकों के सुझाव पर मंत्री से कहा कि शिक्षकों को 95 फीसदी तक गैर शिक्षण कार्यों से मुक्त करने का प्रयास किया जायेगा. मौके पर शिक्षक भीम महतो, गणेश महतो, डोमन महतो, दिलशाद, आरती कुमारी, श्याम सुंदर प्रसाद, भरत सिंह, अनिल कुमार, रीना कुमारी समेत चंद्रपुरा बीइइओ कैलाश मरांडी, नावाडीह बीइइओ बिनोद कुमार मोदी उपस्थित थे. मंत्री श्री महतो ने बताया कि मंगलवार को वह बोकारो जिला के नावाडीह और रामगढ़ जिला के प्रखंड के शिक्षकों के साथ खुली चर्चा करेंगे.

बोले शिक्षा मंत्री

  • हर स्कूल में होंगे हेडमास्टर नियुक्त, गैर शैक्षणिक कार्यों से मुक्त होंगे शिक्षक

  • सरकारी शिक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने को लेकर शिक्षा मंत्री की पहल

  • पूरे राज्य में प्रखंडवार शिक्षकों के साथ करेंगे खुली परिचर्चा

Post by : Pritish Sahay

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