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बेमौसम बारिश और खरीदार नहीं मिलने से बोकारो के कंडेर गांव में 85 टन तरबूज खेतों में पड़ा, किसान परेशान

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
गोमिया के कंडेर गांव के किसान तरबूज के खरीदार नहीं मिलने से परेशान. खेतों में यूं ही पड़ा है तरबूज.
गोमिया के कंडेर गांव के किसान तरबूज के खरीदार नहीं मिलने से परेशान. खेतों में यूं ही पड़ा है तरबूज.
प्रभात खबर.

Jharkhand News (नागेश्वर, ललपनिया- बोकारो) : झारखंड के बोकारो जिला अंतर्गत गोमिया प्रखंड के कंडेर पंचायत स्थित कंडेर गांव में बेमौसम बारिश और बाजार नहीं मिलने से करीब 85 टन के आसपास खेतों में तरबूज पड़ा है. इससे किसान काफी परेशान है.

कंडेर गांव में बड़े भाई राजू कुमार महतो के दिशा-निर्देश में कृषि कार्य में जुड़े रणधीर महतो और रंजन महतो ने तरबूज की खेती कर आत्मनिर्भर बने. दोनों किसान ने 5 पांच एकड़ भूमि में तरबूज लगाया था. एक सप्ताह पहले 25 टन तरबूज की तोड़ाई कर बंगाल के बाजार में बेचा गया. दूसरी बार 25 टन तरबूज की तुड़ाई तो की गयी, लेकिन इसका कोई खरीदार नहीं मिल रहा है.

इसके अलावा क्षेत्र के 5 किसानों का करीब 40 टन तरबूज भी खेतों में पड़ा है. इस संबंध में कृषि कार्य से जुड़े अशोक कुमार महतो ने बताया कि खेत में तरबूज 3 दिनों से पड़ा है. इसके अलावा अन्य किसानों का भी 50 से 60 टन तरबूज बाजार के अभाव में खेतों में पड़ा है.

इस परिस्थिति में किसानों को समझ में नहीं आ रहा है कि क्या करें. एक तरफ कोरोना संक्रमण के कारण बाजार नहीं मिल रहा है, तो वहीं मंडी सिर्फ 2 घंटे ही खुलता है. इन दिनों किसानों को एक साथ दोहरी परेशानी झेलनी पड़ रही है. इस संबंध में किसानों का कहना है कि सरकार व जिला प्रशासन इस दिशा में पहल करें, नहीं तो किसान कर्ज लेकर खेती करते हैं. वहीं, बाजार नहीं मिलने से खेतों में दर्जनों टन तरबूज पड़ा है, जो खराब होने की स्थिति में है.

Posted By : Samir Ranjan.

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