पूर्व मुख्यमंत्री दिशोम गुरु शिबू सोरेन की जयंती रविवार को झामुमो फुसरो नगर समिति की ओर से करगली फुटबॉल ग्राउंड में मनायी गयी. लोगों ने उनकी तस्वीर पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी. नगर अध्यक्ष दीपक महतो ने कहा कि दिशोम गुरु का संघर्ष, राजनीति और सपना आज भी झारखंड की आत्मा में जीवित है. बोकारो महानगर सचिव मदन महतो व महानगर उपाध्यक्ष भोलू खान ने कहा कि झारखंड अलग राज्य आंदोलन में उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता है. झामुमो की अगुआई वाली सरकार में झारखंडी शोषण मुक्त हो रहे हैं. झारखंडियों का शोषण करने वालों को खदेड़ा जायेगा. अन्य वक्ताओं ने कहा कि झारखंड के विकास के लिए युवाओं को उच्च शिक्षा हासिल करने की जरूरत है. महापुरुषों के जीवन से सीख लेनी की जरूरत है. मौके पर नगर सचिव महताब खान, उपाध्यक्ष अनिल कुमार रजवार, टेकनारायण महतो, सह सचिव राजेश राम सुपन, संगठन सचिव जितेंद्र कुमार नायक, गोविंद रजक, हरिनारायण सिंह, अफजल अनीश, सलीम जावेद, रवींद्र राम, हर्ष कुमार, सोनू खान, आनंद सोनी, छोटू राम, जमील अंसारी, मुन्ना उरांव, राजेश राम, टीकू महतो, मिंटू सिंह आदि थे. गुरुजी की जयंती पर महताब 11 बनाम सुफियान 11 के बीच मैत्री क्रिकेट मैच हुआ. इसमें महताब 11 ने 16 ओवरों में 122 रन बनाये. जवाब में सुफियान 11 की टीम 10 ओवरों में 73 रन पर ऑल आउट हो गयी.
झामुमो बेरमो प्रखंड कमेटी की ओर से जरीडीह बाजार स्थित अग्रवाल भवन में कार्यक्रम किया गया. लोगों ने उनके चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी. मदन मोहन अग्रवाल ने दिशोम गुरु के विचारों और सिद्धांतों को आत्मसात करने तथा संगठन को जमीनी स्तर पर और सशक्त बनाने की बात कही. मौके पर अनिल अग्रवाल, प्रखंड अध्यक्ष रंजीत महतो, संतोष महतो, प्रखंड सचिव गणेश श्रीवास्तव, रवि कुमार, परवेज आलम, साबिर खान, याकूब रजा, टिंकू श्रीवास्तव, गुलाब प्रसाद, विकास कुमार, गगन कुमार, विशाल कुमार, राजा अंसारी, बबीता देवी, रीता देवी आदि उपस्थित थे.कारो बस्ती में विस्थापितों ने दी श्रद्धांजलि
कारो बस्ती में विस्थापितों ने दिशोम गुरु के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी. विस्थापित नेता सोहनलाल मांझी ने कहा कि झारखंड के विकास में उनकी भूमिका को भुलाया नहीं जा सकता है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपने पिता के नक्शे कदम पर चलकर झारखंड के विकास में अहम भूमिका निभा रहे हैं. मौके पर संजय कुमार गंझू, अजय कुमार गंझू, दीपक गंझू, सुरेंद्र गंझू, शनिचर गंझू, नरेश गंझू, विक्की गंझू, सोरामुनी देवी, रवि मुंडा, शिवचरण मुंडा, कुंवर मांझी, महेश्वर मांझी, बीरबल मांझी, चैता गंझू, मनोज कुमार रजक आदि थे.
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