Bokaro News : सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की मौत

Bokaro News : डीवीसी अस्पताल में मुआवजे को लेकर हंगामा
Bokaro News : दुगदा थाना क्षेत्र के बांधडीह चौक पर गुरुवार की सुबह सड़क दुर्घटना में घायल दीनू महतो (54 वर्ष) की मौत के बाद डीवीसी के चंद्रपुरा अस्पताल में परिजनों व ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया. मृतक के परिजन मौत के लिए डॉक्टर पर लापरवाही बरतने का आरोप लगा रहे थे. परिजन व ग्रामीणों के हंगामे के बाद अस्पताल के सामने की सड़क को ग्रामीणों ने कुछ देर के लिए अवरुद्ध भी कर दिया. प्रशासन के कहने पर जाम हटाया गया. ग्रामीण की मृतक के परिजन को मुआवजा व आर्थिक मदद करने की मांग कर रहे थे. हालांकि इसके लिए प्रबंधन तैयार नहीं हुआ. इसके बाद मामला इतना बढ़ा कि डीवीसी प्रबंधन को सीआइएसएफ के जवानों को बुलाना पड़ा. पुलिस व सीआइएसएफ के समझाने-बुझाने के बाद ग्रामीण शांत हुए.
वार्ता में नहीं निकला कोई समाधान :
प्रबंधन के अधिकारियों ने ग्रामीणों व परिजनों के साथ वार्ता की, लेकिन वार्ता बेनतीजा रही. शाम को हुई वार्ता में प्रबंधन की ओर से स्पष्ट कहा गया कि मुआवजा का कोई प्रावधान नहीं है. यदि इलाज में डॉक्टर व कंपाउंडर की गलती है तो उसकी जांच कर कार्रवाई की जायेगी. वार्ता में मृतक के एक बेटे को प्लांट में काम देने पर प्रबंधन द्वारा कहा गया कि नये प्लांट आने पर उसे काम दिया जा सकता है. चंद्रपुरा के सीओ नरेश कुमार वर्मा की उपस्थिति में हुई वार्ता में प्रबंधन की ओर से वरीय महाप्रबंधक अभिजीत घोष, डॉ डीसी पांडेय, अस्पताल के उप महाप्रबंधक सह प्रभारी डॉ पीके घोष, सीआईएसएफ के यूनिट कमांडर नकुल कुमार वर्मा, उप कमांडेंट कैलाश यादव, डॉ एके श्रीवास्तव, दुगदा थाना प्रभारी मनीश कुमार, चंद्रपुरा थाना प्रभारी अमन कुमार, ओपी प्रभारी श्रीनिवास सिंह, जिप सदस्य अजय महतो सहित मृतक के परिजन व ग्रामीण थे.क्या है मामला :
जरूआटांड़ निवासी दीनू महतो सुबह साइकिल से टी मोड़ की ओर जा रहे थे. बांधडीह चौक के पास जैसे ही हीरक रोड पर निकले, सामने से आ रही एक स्कार्पियो ने धक्का मार दिया. स्थानीय लोगों ने उन्हेंं डीवीसी चंद्रपुरा अस्पताल पहुंचाया. यहां उनके फटे सिर पर स्टिच किया गया. घायल के परिजनों का आरोप है कि डाक्टर व कंपाउंडर ने उसकी स्थिति ठीक बताते हुए कहा कि घर ले जाएं. जब वे उन्हें घर ले जाने के लिए अस्पताल के बरामदे से निकले तो वे गिर पड़े. डॉक्टर ने आकर देखा तो उनकी मौत हो चुकी थी. देर शाम मृतक के शव को अस्पताल की मॉर्चुरी में रखवा दिया गया है. मृतक के दो बेटे व एक बेटी है. घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.इलाज में लापरवाही का आरोप गलत :
इधर, इलाज करने वाले डॉक्टर व कंपाउंडर ने वार्ता के क्रम में कहा कि इलाज में लापरवाही का आरोप गलत है. कंपाउंडर ने कहा कि उन्होंने परिजनों को घायल को बाहर लेकर जाने को कहा था, मगर वे उसे घर समझ बैठे. परिजनों का आरोप था कि जो पर्ची दी गयी थी, उसमें रेफर नहीं किया गया था. हालांकि पर्ची कहां है, इस पर दोनों पक्ष एक-दूसरे पर आरोप लगाते रहे. बता दें कि जिस डॉक्टर ने मृतक का इलाज किया, वह दूसरे जगह पदस्थापित है. चंद्रपुरा अस्पताल में डॉक्टर की कमी के कारण उन्हें यहां ड्यूटी के लिए तीन दिन पहले बुलाया गया था.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar News Desk
यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




