Bokaro News : सीसीएल बोकारो कोलियरी : छह माह में मात्र 21 हजार टन हुआ कोयला उत्पादन

Bokaro News : चालू वित्तीय वर्ष में तीन लाख टन उत्पादन का मिला है लक्ष्य
Bokaro News : राकेश वर्मा, बेरमो. सीसीएल बीएंडके एरिया की बोकारो कोलियरी का कोयला उत्पादन के मामले में परफॉरमेंस काफी खराब चल रहा है. चालू वित्तीय वर्ष के 1 अप्रैल से सात अक्तूबर तक इस परियोजना ने मात्र 21 हजार टन कोयला उत्पादन (बगल का एकेके परियोजना रोजाना 15-20 हजार टन कोयला उत्पादन करना है) किया है. जबकि चालू वित्तीय वर्ष में परियोजना का कोयला उत्पादन का लक्ष्य तीन लाख टन तथा ओबी निस्तारण का लक्ष्य 6.5 लाख घन मीटर टन है. चालू वित्तीय वर्ष के 1 अप्रैल से 7 अक्टूबर तक 1.51 लाख घन मीटर टन ओबी का निस्तारण किया गया है.
मालूम हो कि गत वित्तीय वर्ष 2024-25 में भी परियोजना 50 करोड़ के घाटे में थी. वित्तीय वर्ष 2024-25 में परियोजना अपने उत्पादन लक्ष्य से काफी पीछे रह गयी थी. परियोजना ने कुल 1,90,400 टन कोयला उत्पादन किया था, जबकि लक्ष्य तीन लाख टन था. इसके अलावा 4.34 लाख घन मीटर टन ओबी निस्तारण किया गया था. प्रबंधन की मानें तो परियोजना को नफा-नुकसान बराबर की स्थिति में लाने के लिए सालाना छह-सात लाख टन कोयला उत्पादन करना होगा. उत्पादन बढ़ाने के लिए परियोजना की डीडी माइंस से 200 मीटर की परिधि में आने वाले शिफ्टिंग एरिया को हर हाल में पूरा शिफ्ट करना होगा. वर्तमान में माइंस विस्तार के लिए चार नंबर के रिहायशी क्षेत्र में बेरमो दक्षिणी पंचायत के पंचायत सचिवालय के अलावा एक आंगनबाड़ी केंद्र तथा दो सामुदायिक भवनों को शिफ्ट करा दिया गया है. सीसीएल द्वारा झारखंड सरकार के पास निर्धारित राशि जमा करने के बाद इन भवनों को तोड़ दिया गया है, लेकिन सबसे बड़ी चुनौती यहां रह रहे दिहाड़ी मजदूरों एवं सीसीएल कर्मियों को शिफ्ट करने की है. सीसीएल कर्मियों को तो प्रबंधन द्वारा आवास मुहैया कराया जा रहा है. फिलहाल परियोजना के विस्तार के लिए 267 संगठित व असंगठित मजदूरों को शिफ्ट करना है. इसमें फिलहाल 76 लोगों को तत्काल शिफ्ट करना है, जिसमें प्रबंधन अभी तक मात्र 16 लोगों को शिफ्ट करा पाया है.मालूम हो कि चार नंबर क्षेत्र से लगभग 500 दिहाड़ी मजदूरों को पुराना एक्सकैवेशन के समीप शिफ्टिंग एरिया में पूर्व में बसाया गया है. इधर, यहां वर्षों से रह रहे दिहाड़ी मजदूरों का कहना है कि प्रबंधन द्वारा सारी सुविधाएं देकर हम लोगों को यहां से हटाया जाये.
बोकारो कोलियरी को लॉग टर्म आउटसोर्स में देने की तैयारी
100 साल से ज्यादा पुरानी बोकारो कोलियरी को सीसीएल मुख्यालय ने अब लॉग टर्म आउटसोर्स में देने की योजना बनायी है. इसको लेकर फिलहाल 15 साल की प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनायी गयी है. इसमें 84 मिलियन घन मीटर टन ओबी निस्तारण के बाद 21 मिलियन टन कोयला मिलेगा. हर साल दो मिलियन टन (20 लाख टन) कोयला उत्पादन होगा. सीसीएल बोर्ड ने 2024 में इसका अनुमोदन कर दिया है. अब यह टेंडर में जायेगा. वित्तीय वर्ष 2026-27 में कोयला खनन का काम शुरू हो जायेगा. माइंस विस्तार के अगले चरण में कारो ग्रुप ऑफ सीम तथा बेरमो 8, 9, 10 नंबर सीम को मिला कर की जायेगी. इसमें 230 हेक्टेयर जमीन में लगभग 77.84 मिलियन टन कोकिंग कोल वाशरी ग्रेड-4 का कोयला मिलेगा. इसके अलावा 155.27 मिलियन घन मीटर टन ओबी निस्तारण होगा.मैन पावर 410, क्वार्टर तीन हजार :
बोकारो कोलियरी का मैन पावर फिलहाल 410 है. इसमें अधिकारियों की संख्या 18 तथा कर्मियों में डेली रेटेड मजदूरों की संख्या 350 तथा एमआर मजदूरों की संख्या 50 के करीब है. जबकि यहां क्वार्टरों की संख्या तीन हजार के लगभग है. कई क्वार्टर सर्वे ऑफ घोषित हो गये है, जिसमें लोग खुद मरम्मत कर रह रहे हैं.शिफ्टिंग नहीं हुई तो उच्च प्रबंधन ले सकता है कड़ा निर्णय : पीओ
पीओ एनके सिंह का कहना है कि गत वित्तीय वर्ष में परियोजना लक्ष्य प्राप्त नहीं कर पायी. नये वित्तीय वर्ष में शिफ्टिंग नहीं हुई तो उच्च प्रबंधन परियोजना को चलाने को लेकर कड़े निर्णय भी ले सकता है. फिलहाल उत्पादन जारी रखने के लिए 76 लोगों को शिफ्ट कराना है जिसमें 16 लोगों को शिफ्ट कराया गया है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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