प्रतिकूल परिस्थिति में ढोरी ने किया 42 लाख टन उत्पादन : जीएम

Updated at : 04 Apr 2020 1:47 AM (IST)
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प्रतिकूल परिस्थिति में ढोरी ने किया 42 लाख टन उत्पादन : जीएम

बेरमो : सीसीएल ढोरी के महाप्रबंधक प्रशांत वाजपेयी ने शुक्रवार को अपने ढोरी स्थित जीएम कायार्लय में प्रभात खबर से विशेष बातचीत में कहा कि ढोरी एरिया के उत्थान के लिए प्रोजेक्ट का विस्तार व बंद प्रोजेक्ट्स को खोलना निहायत जरूरी हो गया है. वित्तीय वर्ष 2019-20 में काफी विपरीत परिस्थितियों में एरिया ने 42 […]

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बेरमो : सीसीएल ढोरी के महाप्रबंधक प्रशांत वाजपेयी ने शुक्रवार को अपने ढोरी स्थित जीएम कायार्लय में प्रभात खबर से विशेष बातचीत में कहा कि ढोरी एरिया के उत्थान के लिए प्रोजेक्ट का विस्तार व बंद प्रोजेक्ट्स को खोलना निहायत जरूरी हो गया है. वित्तीय वर्ष 2019-20 में काफी विपरीत परिस्थितियों में एरिया ने 42 लाख टन कोल प्रोडक्शन किया, पर अब चालू वित्तीय वर्ष में विस्तारीकरण व बंद खदान को खोलने की दिशा में तेजी से काम करना होगा. उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष में एरिया का उत्पादन लक्ष्य 47 लाख टन निर्धारित है. अमलो की बंद माइंस से उम्मीद : जीएम श्री वाजपेयी ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2019-20 में एरिया अंतर्गत एसडीओसीएम 135 दिन तथा तारमी माइंस सीटीओ (कंसेंट टू ऑपरेट) के बिना 123 दिन बंद रहा. एएओडीसीएम (अमलो माइंस) ब्लास्टिंग, सेक्शन-22 व अन्य कारणों से डीजीएमएस के आदेश के कारण 152 दिन बंद रहा. अमलो माइंस का पहले से जारी बीएसआई पैच से करीब सालों भर उत्पादन बंद रहा. अमलो से वित्तीय वर्ष 2019-20 में 19 लाख टन कोयला उत्पादन करना था.

दिसंबर 2019 में अमलो के एक बंद चार नंबर माइंस से खनन शुरू किया गया. इसके लिए कई दिनों तक माइंस से सटे जंगल एरिया को खंगाला गया. दिसंबर से मार्च तक इस माइंस से करीब आठ लाख टन कोयला निकाला गया तथा अभी भी चार लाख टन कोयला है. इसका खनन किया जा रहा है. इसी के अभाव में सीटीओ पर दारोमदार : खनन के लिए मंत्रालय की जरूरी पर्यावरणीय अनापत्ति के बिना सारा दारोमदार सीटीओ (कंसेंट टू ऑपरेट यानी परिचालन की अनुमति) पर ही है. दिसंबर के पहले तक अमलो से तीन लाख टन का उत्पादन कर लिया गया था. वहीं अमलो आउटसोर्स से करीब साढ़े छह लाख टन उत्पादन किया गया. इस प्रकार एएओडीसीएम से 14.5 लाख टन कोयला उत्पादन किया गया. कहा कि एसडीओसीएम को सालाना 22.5 लाख का सीटीओ था. जनवरी में इसका सीटीओ खत्म हो गया. आठ मार्च से 31 मार्च तक फिर से मिले सीटीओ के बाद परियोजना ने अपना तय लक्ष्य 22.5 लाख टन पूरा कर लिया. अब एक अप्रैल से 30 अप्रैल तक माइंस को नया सीटीओ मिला है. जीएम ने कहा कि तारमी माइंस भी सीटीओ के अभाव में 123 दिन बंद रहा. इस माइंस से वित्तीय वर्ष 2019-20 में पांच लाख टन उत्पादन हुआ. इस प्रकार एसडीओसीएम से 22.5, एएओडीसीएम से 14.5, तारमी से पांच लाख तथा ढोरी खास यूजी माइंस से एक लाख टन मिलाकर कुल 42 लाख टन उत्पादन हुआ. उन्होंने सहयोग के लिए सभी हितधारकों का आभार जताया.

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