National Game Scam : पूर्व खेलमंत्री बंधु तिर्की और बोकारो के विपिन कुमार सिंह के आवास पर सीबीआई रेड
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 26 May 2022 11:49 AM
राष्ट्रीय खेल घोटाला मामले में आज सीबीआई ने झारखंड के पूर्व खेलमंत्री बंधु तिर्की के रांची बनहोरा आवास पर सुबह-सुबह छापेमारी की. इसके साथ झारखंड कबड्डी एसोसिएशन सचिव विपिन कुमार सिंह के बोकारो आवास पर भी सीबीआई ने धमक दी. राष्ट्रीय खेल घोटाले मामले में सीबीआई की टीम बोकारो पहुंची.
CBI RAID IN JHARKHAND : राष्ट्रीय खेल घोटाला मामले में आज सीबीआई ने झारखंड के पूर्व खेलमंत्री बंधु तिर्की के रांची बनहोरा आवास पर सुबह-सुबह छापेमारी की. इसके साथ झारखंड कबड्डी एसोसिएशन सचिव विपिन कुमार सिंह के बोकारो आवास पर भी सीबीआई ने धमक दी. राष्ट्रीय खेल घोटाले मामले में सीबीआई की टीम बोकारो पहुंची. जहां झारखंड कबड्डी एसोसिएशन के सचिव सह बोकारो ओलंपिक एसोसिएशन के अध्यक्ष विपिन कुमार सिंह के सेक्टर 8/C स्थित क्वार्टर नंबर 2201 पर छापेमारी की. बोकारो में छापेमारी कर रही टीम धनबाद से आयी है. इस टीम में चार सदस्य हैं. अब तक मिली जानकारी के अनुसार सीबीआई की टीम घर के लोगों से पूछताछ कर रही है. साथ ही कागजों को भी खंगालने की भी सूचना है.
रांची में हुए 34 वें राष्ट्रीय खेल में घोटाले की बात सामने आयी थी. इसके बाद कार्रवाई करते हुए झारखंड के खेल मंत्री रहे बंधु तिर्की को 03 सितंबर 2019 (बुधवार) को गिरफ्तार किया गया था. उनकी गिरफ्तारी तब राष्ट्रीय खेल घोटाला मामले में बंधु तिर्की को रांची के सिविल कोर्ट परिसर से गिरफ्तार किया गया था. यह गिरफ्तारी एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने की थी. राष्ट्रीय खेल घोटाला में यह तीसरी गिरफ्तारी है. इसके पहले एसएम हाशमी और पीसी मिश्रा को इसी मामले में गिरफ्तार किया गया था. एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने बंधू तिर्की को अप्राथमिक अभियुक्त बनाया था. अभियुक्त बनाये जाने के बाद निचली अदालत से लेकर हाईकोर्ट की शरण ली थी, लेकिन बंधु तिर्की को दोनों ही न्यायालय निराशा हाथ लगी. पहले निचली अदालत ने उसके बाद हाईकोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत की याचिका को खारिज कर दिया था.
Also Read: आय से अधिक संपत्ति: झारखंड के पूर्व मंत्री व विधायक बंधु तिर्की को 3 साल की सजा, 3 लाख रुपये जुर्माना
तत्कालीन खेल मंत्री बंधु तिर्की पर धनबाद में दो स्क्वैश कोर्ट के निर्माण में वित्तीय अनियमितता बरतने के आरोप हैं. ज्ञात हो कि स्क्वैश कोर्ट के निर्माण की जिम्मेदारी मुंबई की कंपनी जाइरेक्स इंटरप्राइजेज को दी गयी थी. कंपनी ने 1,44,32,850 रुपये का एस्टीमेट दिया था. आयोजन समिति के महासचिव एसएम हाशमी और तत्कालीन खेल निदेशक तथा सचिव की अनुशंसा के बाद इस प्रस्ताव की फाइल तत्कालीन विभागीय मंत्री (खेल मंत्री) बंधु तिर्की के पास भेजी गयी थी.बंधु तिर्की ने नीतिगत निर्णय लेते हुए 20 अक्टूबर, 2008 को इसे अनुमोदित कर दिया. इसमें कंपनी को अग्रिम 50 लाख रुपये का भुगतान कर दिया गया, लेकिन बाद में बिना स्वीकृति के भुगतान के कारण वित्तीय अनियमितता की पुष्टि हुई.
राष्ट्रीय खेल घोटाले मामले में हाईकोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई ने बहुचर्चित राष्ट्रीय खेल घोटाले जांच की प्रक्रिया शुरू की थी. इसी कड़ी में सीबीआइ पटना की टीम ने मामले में दर्ज कांड संख्या 49/10 को टेकओवर किया है. सीबीआइ ने झारखंड पुलिस के एसीबी से भी घोटाले से संबंधित दस्तावेज मांगे हैं. पूर्व में मामले की जांच एसीबी कर रही थी. एसीबी के पास भी आयोजन में गड़बड़ी किये जाने से संबंधित साक्ष्य की उपलब्धता बतायी जाती है.
रिपोर्ट : राहुल गुरु/मुकेश झा
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










