ePaper

बीएसएल के कर्मचारियों का बदला पदनाम, अब कहलायेंगे जेइ

Updated at : 14 Jun 2024 1:23 AM (IST)
विज्ञापन
बीएसएल के कर्मचारियों का बदला पदनाम, अब कहलायेंगे जेइ

बीएसएल-सेल में तीन साल पहले एसोसिएट पदनाम आया था, दर्ज करायी गयी थी आपत्ति

विज्ञापन

वरीय संवाददाता, बोकारो.

बोकारो स्टील प्लांट सहित सेल में पदनाम बदल दिया गया है. कर्मचारियों की लंबे समय से की जा रही मांग अब पूरी कर दी गयी है. सेल प्रबंधन की ओर से इससे संबंधित आदेश गुरुवार को जारी कर दिया गया है. तीन साल पहले एसोसिएट पदनाम आया था, जिसको लेकर आपत्ति दर्ज करायी गयी थी. इसका दूसरा शब्द लेने की बात आयी थी. इस पर कोई फैसला नहीं हो सका था. अब आदेश जारी कर दिया गया है.

सेल प्रबंधक के सर्कुलर के अनुसार, कर्मियों को जूनियर इंजीनियर पदनाम दिया जा रहा है. कर्मचारियों के पुन: पदनाम को पदोन्नति के लिए पात्रता मानदंड में कोई बदलाव किये बिना वर्तमान में संबंधित संयंत्रों/इकाइयों में चल रही गैर-कार्यकारी पदोन्नति नीति (एनइपीपी) की व्यापक शर्तों के भीतर क्लस्टर वार/ग्रेड वार माना जा सकता है. पदनाम में संशोधन मूल ग्रेड और क्लस्टर में परिवर्तन के साथ मेल होगा.

पदनाम में परिवर्तन सामान्यतः क्लस्टर में परिवर्तन सहित पदोन्नति पर लागू : जब ग्रेड में परिवर्तन व्यक्तिगत आधार पर या विस्तारित क्लस्टर के भीतर होता है, तो पदनाम में कोई परिवर्तन नहीं होगा. पदनाम में परिवर्तन सामान्यतः क्लस्टर में परिवर्तन सहित पदोन्नति पर लागू होगा. हालांकि, संयंत्रों/इकाइयों में जहां क्लस्टरों को अधिक ग्रेडों को शामिल करते हुए विलय कर दिया गया है, संबंधित संयंत्र/इकाइयों द्वारा क्लस्टर के भीतर प्रस्तावित ग्रेड-वार पदनाम पर विचार किया जा सकता है.

गैर-कार्यकारी कर्मचारियों के लिए कर्तव्य व जिम्मेदारियां समान रहेंगी :

कर्मचारियों के प्रस्तावित संशोधित सामान्य पदनामों को संयंत्र/इकाई द्वारा उचित प्रक्रिया का पालन करने के बाद लागू किया जायेगा, ताकि यह वर्तमान कार्य व्यवस्था को प्रभावित न करे. यानी क्लस्टर के अनुसार गैर-कार्यकारी कर्मचारियों के लिए कर्तव्य व जिम्मेदारियां समान रहेंगी.

कर्मियों का प्रशिक्षण अवधि के समय पदनाम भर्ती के अनुसार ही होगा : एस1 में भर्ती के समय पदनाम तकनीकी एसोसिएट (प्रशिक्षु)/ऑफिस एसोसिएट (प्रशिक्षु) होगा. एस3 ग्रेड में जूनियर इंजीनियरिंग एसोसिएट (प्रशिक्षु)/प्रशासनिक एसोसिएट (प्रशिक्षु) होगा. प्रशिक्षण अवधि के समय पदनाम भर्ती के अनुसार ही होगा व ग्रेड में प्रशिक्षु के नियमितीकरण के बाद क्लस्टरवार सामान्य पदनाम प्रदान किया जा सकता है. ई0 एग्जिक्यूटिव जूनियर ऑफिसर की जगह जूनियर मैनेजर होंगे.

कोई वित्तीय प्रभाव नहीं होगा और यह मौजूदा वेतनमान/क्लस्टर से जुड़ा होगा : जिस स्ट्रीम में गैर-कार्यकारी कर्मचारी काम कर रहे हैं, उसके लिए दिये गये पदनाम के साथ कार्य/अनुशासन का क्षेत्र जोड़ा जा सकता है. पदनाम में परिवर्तन केवल पदनामों के नामकरण में परिवर्तन तक ही सीमित रहेगा. वरिष्ठता और पदोन्नति की रेखा में कोई बदलाव नहीं होगा. इसका कोई वित्तीय प्रभाव नहीं होगा और यह मौजूदा वेतनमान/क्लस्टर से जुड़ा होगा.

प्लांट/यूनिट स्तर पर पुन: पदनामों के लिए मंजूरी देने का होगा अधिकार :

माइनिंग मेट, माइनिंग फोरमैन, फायर आदि जैसे वैधानिक पदों के लिए संयंत्र/इकाइयां मौजूदा पदनामों के साथ जारी रह सकती हैं. प्लांट/यूनिट के निदेशक एल/सी/कार्यात्मक निदेशक को क्लस्टरवार व्यापक जेनेरिक पदनामों के सुचारू कार्यान्वयन के लिए, स्थानीय आवश्यकताओं पर विचार करते हुए, प्लांट/यूनिट स्तर पर पुन: पदनामों के लिए मंजूरी देने का अधिकार होगा.

कॉर्पोरेट कार्यालय के मामले में निदेशक (कार्मिक) अनुमोदन के लिए सक्षम प्राधिकारी :

कॉर्पोरेट कार्यालय के मामले में निदेशक (कार्मिक) अनुमोदन के लिए सक्षम प्राधिकारी होंगे. यदि संयंत्र/इकाइयों के सुचारू कामकाज के लिए बाद की तारीख में प्रस्तावित पदनामों में संशोधन की आवश्यकता होती है, तो यह अध्यक्ष, सेल के अनुमोदन से किया जायेगा. अनुमोदित नियमों और शर्तों के तहत क्लस्टर/ग्रेड के अनुसार उपरोक्त सामान्य पदनाम को उचित प्रक्रिया का पालन होगा.

बोले यूनियन नेता :

बोकारो इस्पात डिप्लोमाधारी कामगार यूनियन के महामंत्री संदीप कुमार ने कहा कि डिप्लोमा इंजीनियरों के संघर्ष व एकता के कारण सेल में हम जूनियर इंजीनियर पदनाम इंट्रोड्यूस करवाने में सफल हुए हैं. यह डेफी की आंशिक सफलता है. सेल में डिप्लोमा इंजीनियरों को एंट्री लेवल से जूनियर इंजीनियर पदनाम दिया जाना चाहिए. इसकी लड़ाई आगे भी जारी रहेगी. 10 वर्ष की सेवा के बाद प्रत्येक डिप्लोमा इंजीनियर को अधिकारी वर्ग में प्रमोशन किया जाना चाहिए. लड़ाई जारी रहेगी. बीएकेएस बोकारो के महासचिव दिलीप कुमार ने कहा कि एनजेसीएस के सभी नेता सेल-बीएसएल प्रबंधन के शरणागत हो गये हैं. इंजीनियरिंग शब्द कोर्स का नाम है न कि पदनाम. वहीं, कलस्टर डी में मुश्किल से पांच प्रतिशत भी कर्मचारी नहीं जा पायेंगे. जूनियर इंजीनियर पदनाम बाकी जगहों में नियुक्ति के समय ही दिया जाता है. सेल में सेवानिवृत्ति के समय दिया जायेगा. यूनियन इसके विरोध में इस्पात मंत्री को पत्र लिखेंगी. डिप्लोमा इंजीनियर एसोसिएशन, भिलाई के अध्यक्ष राजेश शर्मा ने कहा कि सेल में गैर कार्यपालक संवर्ग में लिए सम्मानजनक पदनाम जूनियर इंजीनियर का इंटरड्यूश होना सेल के डिप्लोमा इंजीनियरों की संघर्ष और एकता का प्रतिफल है. यह हमारी आंशिक सफलता है. डिप्लोमा इंजीनियर बिरादरी आगे भी संगठित रहेगी तो जूनियर इंजीनियर का पदनाम एंट्री लेवल से ही लेने में कामयाब होंगे और प्रमोशन पॉलिसी भी सुधरवाने में कामयाब होंगे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola