कसमार, कसमार प्रखंड के खैराचातर स्थित श्रीगोविंद स्नेहलता सरस्वती शिशु मंदिर में मंगलवार को सप्त शक्ति संगम कार्यक्रम का आयोजन हुआ. मुख्य अतिथि सप्त शक्ति संगम की विभाग संयोजिका गीता मिश्रा, विशिष्ट वक्ता विद्या मंदिर पेटरवार की आचार्या संध्या देवी व पूर्व पंचायत समिति सदस्य स्वर्णलता जायसवाल मौजूद थीं. मातृ शक्ति की सामाजिक, पारिवारिक और राष्ट्रीय भूमिका पर चर्चा की गयी. गीता मिश्रा ने कहा कि भारतीय संस्कृति में परिवार केवल एक इकाई नहीं, बल्कि संस्कारों की पाठशाला होता है. उन्होंने कहा कि वर्तमान में महिलाओं की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गयी है, क्योंकि वे ही भावी पीढ़ी का निर्माण करती हैं. कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व मुखिया प्रतिमा देवी ने की, जबकि संचालन नेहा कुमारी ने किया. इस दौरान माताओं के बीच विभिन्न ज्ञानवर्धक प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गयी, जिसमें सफल प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया. साथ ही मातृ सम्मान समारोह के तहत विशेष उपलब्धि प्राप्त करने वाली संतानों की माताओं, पर्यावरण आधारित जीवनशैली अपनाने वाली महिलाओं तथा निःस्वार्थ भाव से समाज सेवा में जुटी माताओं के रूप में क्षेत्र की तीन महिलाओं सरस्वती सिंह, नीरा देवी और फुलेश्वरी देवी को सम्मान प्रदान किया गया. मौके पर पूर्व जिप सदस्य विमल कुमार जायसवाल, शिक्षाविद उमेश कुमार जायसवाल, भाजपा नेता तुलसीदास जायसवाल, राजेश जायसवाल, संकुल प्रमुख नवीन कुमार, जैनामोड़ के प्राचार्य आनंद कुमार गोस्वामी, कसमार के प्राचार्य कपिल कुमार चौबे, स्थानीय प्राचार्य रजनी प्रकाश पांडेय, आचार्य कृष्ण किशोर जायसवाल, कैलाश कुमार महतो प्रकाश कुमार महतो, संतोष कुमार महतो, ज्योत्सना प्रमाणिक, शोभा जायसवाल, रानी जायसवाल, पूनम देवी, सावित्री वाला आदि मौजूद थे.
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