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Bokaro News : 24 घंटे जाम रहा कसमार-पिरगुल मुख्य मार्ग

Bokaro News : सोखाडीह निवासी राजन महतो की सड़क दुर्घटना में मौत के बाद आक्रोशित हुए थे ग्रामीण, मुआवजे व नियोजन के आश्वासन पर हटा जाम, मंत्री व प्रशासन ने की 50- 50 हजार रुपये की आर्थिक मदद.

कसमार, कसमार प्रखंड के मंजूरा पंचायत अंतर्गत सोखाडीह निवासी राजन महतो की सड़क दुर्घटना में हुई मौत से आक्रोशित ग्रामीणों द्वारा बुधवार की शाम चार बजे से कसमार-पिरगुल मुख्य मार्ग पर लगाया गया जाम आखिरकार 24 घंटे बाद गुरुवार की शाम चार बजे समाप्त हुआ. जाम के कारण क्षेत्र में यातायात पूरी तरह ठप रहा और आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा. मंत्री योगेंद्र प्रसाद व जिला प्रशासन ने पीड़ित परिवार को 50 – 50 हजार रुपये की आर्थिक मदद की. सहायता राशि दिये जाने के बाद ग्रामीणों ने आंदोलन समाप्त करने का निर्णय लिया.

जानकारी के अनुसार,10 जनवरी को राजन महतो एक वाहन की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गये थे. जहां इलाज के दौरान बुधवार को उनकी मौत हो गयी. पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही शव गांव पहुंचा, परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो उठे और शव को सड़क पर रखकर जाम कर दिया. इस दौरान कसमार तीनकोनिया चौक से मंजूरा बस्ती तक लगभग दो किलोमीटर तक मालवाहक वाहनों समेत अन्य गाड़ियों की लंबी कतार लग गयी. जाम के दौरान आजसू, जेएलकेएम और झामुमो के नेताओं व कार्यकर्ताओं ने प्रशासन के माध्यम से एचजी इंफ्रा कंपनी पर दबाव बनाने का प्रयास किया, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया. अंततः मंत्री योगेंद्र प्रसाद के हस्तक्षेप से समाधान निकला. उन्होंने अपनी ओर से 50 हजार रुपये व प्रशासन की ओर से 50 हजार रुपये, कुल एक लाख रुपये की सहायता राशि मृतक की पुत्री संगीता कुमारी को सौंपा. इसके साथ ही मृतक के आश्रित को आउटसोर्सिंग के तहत नियोजन की प्रक्रिया शुरू करने और सरकारी प्रावधान के अनुरूप सड़क दुर्घटना मुआवजा दिलाने से संबंधित लिखित सहमति पत्र भी प्रशासन की ओर से दिया गया. इसके बाद जाम हटाया गया. इसके बाद परिजन शव को घर ले गये और खांजो नदी स्थित श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार किया. इस दौरान विधायक प्रतिनिधि शेरे आलम, जरीडीह सर्किल इंस्पेक्टर शैलेंद्र कुमार सिंह, कसमार थाना प्रभारी कुंदन कुमार, तेनुघाट ओपी प्रभारी भजन लाल महतो, एएसआइ रोजिद आलम, रंजन सिंह समेत अन्य पुलिस अधिकारी व जनप्रतिनिधि के अलावा मृतक की पत्नी नीलम देवी, मिथिलेश महतो, रेखा कुमारी, महेश महतो, राजेश कुमार महतो, प्रकाश प्रजापति, सुधीर महतो, वंशी महतो, मनोज महतो, रिजवान अहमद, ब्रजेश कुमार महतो, मनसु महतो, संतोष महतो, मुन्ना अंसारी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे.

कसमार के इतिहास में लगा सबसे बड़ा जाम

कसमार प्रखंड के इतिहास में यह अब तक का सबसे लंबा सड़क जाम दर्ज किया गया है. आक्रोशित ग्रामीणों ने लगातार 24 घंटे तक सड़क पर डटे रहकर विरोध प्रदर्शन किया. कड़ाके की ठंड और प्रतिकूल मौसम के बावजूद लोग रात-दिन जाम स्थल पर मौजूद रहे और अपनी मांगों पर अड़े रहे. इससे पहले भी घटना के बाद 10 और 11 जनवरी को करीब 20 घंटे तक सड़क जाम किया गया था, लेकिन उस समय भी कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका. प्रशासन और संबंधित पक्षों की ओर से ठोस पहल नहीं होने और जख्मी राजन की मौत के बाद आंदोलन और उग्र होता चला गया. ग्रामीणों का कहना था कि जब तक पीड़ित परिवार को न्याय और उचित मुआवजा नहीं मिलेगा, तब तक वे आंदोलन खत्म नहीं करेंगे.

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