Bokaro News : गैर सरकारी स्वास्थ्य संस्थान सभी मरीजों का बनाएं आभा कार्ड : सिविल सर्जन
Published by : ANAND KUMAR UPADHYAY Updated At : 15 Dec 2025 9:34 PM
Bokaro News : आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन : प्राइवेट हॉस्पिटल प्रबंधकों, संचालकों व प्रतिनिधियों के लिए प्रशिक्षण शिविर का आयोजन.
बोकारो, कैंप दो स्थित सदर अस्पताल के सभागार में सोमवार को आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत प्राइवेट हॉस्पिटल प्रबंधकों, संचालकों व प्रतिनिधियों के लिए प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया. उद्घाटन सिविल सर्जन डॉ अभय भूषण प्रसाद, राज्य प्रशिक्षक सह ग्रीवेंस रेसिडेंशियल एग्जीक्यूटिव प्रियंका सांगा, एमआइएस डाटा एनालाइस्ट इवा अनंता खाखा, प्रोजेक्ट को-ऑर्डिनेटर अफजल हुसैन, सदर उपाधीक्षक डॉ एनपी सिंह व आरसीएचओ डॉ एस टुडू ने संयुक्त रूप से किया. सीएस डॉ प्रसाद ने कहा कि अस्पताल आनेवाले सभी लोगों का शत-प्रतिशत आभा कार्ड बनाना है. यह सभी के लिए जरूरी है. संस्थान संचालकों आभा कार्ड, एचपीआर (हेल्थ प्रोफेशनल रजिस्टर) व एचएफआर (हेल्थ फैसिलिटीज रजिस्टर) को डिजिटल डाटा में शामिल करें. आभा कार्ड में रोगी पंजीकरण से लेकर उपचार तक की अपनी जानकारी को कागज रहित तरीके से रख सकेंगे. एबीडीएम (आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन) से जुड़ी डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को खोज सकेगे. पंजीकृत स्वास्थ्य सुविधाओं में पंजीकरण के लिए कतारबद्ध से बच सकेंगे. प्रशिक्षक प्रियंका ने कहा कि आभा नंबर रेंडम तरीके से उत्पन्न एक 14 अंक का पंजीकरण है. इसके माध्यम से रोगी अपने सभी स्वास्थ्य रिकार्ड को डिजिटल रूप से जोड़ सकते है. एक्सेस कर सकते है. साथ ही चिकित्सक से साझा कर सकते है. सत्यापित स्वास्थ्य केंद्र से डिजिटल लैब रिपोर्टस, दवा की पर्ची, रोग निदान पर्ची आदि को आसानी से डिजिटल रूप में ले सकते है. इवा ने कहा कि आभा पंजीकर नंबर प्राप्त करने के लिए स्वास्थ्य कर्मी से सहायता ले सकते है. इसे बनाने के लिए आधार नंबर या ड्राइविंग लाइसेंस का उपयोग किया जा सकता है. अस्पताल में लगाये गये क्यूआर कोड को स्कैन भी किया जा सकता है. आभा नंबर बन जाने पर देश के किसी भी पंजीकृत स्वास्थ्य सुविधा केंद्र, सार्वजनिक या निजी अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों व स्वास्थ्य व कल्याण केंद्रों पर भी लाभ लिया जा सकता है. मौके पर आयुष्मान डीपीसी अभिजीत बनर्जी, डीडीएम अर्बन शब्बीर, डॉ ठाकुर अवनिश कुमार सिंह, डॉ बबलेश कुमार, कुमार प्रभात रंजन, राकेश कुमार सिंह, बीएन बनर्जी, प्रदीप कुमार, उत्तम कुमार, करण कुमार सहित दर्जनों नर्सिंग होम प्रबंधक, संचालक, प्रतिनिधि मौजूद थे.
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