जीवित को मृत घोषित कर रोक दी वृद्धा पेंशन

Updated at : 29 Jul 2019 8:32 AM (IST)
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जीवित को मृत घोषित कर रोक दी वृद्धा पेंशन

दीपक सवाल, कसमार : कसमार प्रखंड अंतर्गत टांगटोना पंचायत में कई जीवित व्यक्तियों को मृत घोषित कर उनका वृद्धावस्था पेंशन बंद कर दी गयी है. किसी का साल भर से, तो किसी का चार पेंशन बंद है. उक्त सभी पेंशनधारी पेंशन नहीं मिलने को लेकर पंचायत सचिवालय से लेकर प्रखंड कार्यालय तक लगातार चक्कर काटने […]

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दीपक सवाल, कसमार : कसमार प्रखंड अंतर्गत टांगटोना पंचायत में कई जीवित व्यक्तियों को मृत घोषित कर उनका वृद्धावस्था पेंशन बंद कर दी गयी है. किसी का साल भर से, तो किसी का चार पेंशन बंद है. उक्त सभी पेंशनधारी पेंशन नहीं मिलने को लेकर पंचायत सचिवालय से लेकर प्रखंड कार्यालय तक लगातार चक्कर काटने को विवश हैं.

मामले का खुलासा तब हुआ, जब इनमें से एक लाभुक दुलाली देवी ने इसकी शिकायत उपप्रमुख ज्योत्सना झा से की और मामला पंचायत समिति की बैठक में उठा.
श्रीमती झा ने नौ जुलाई को हुई पंचायत समिति की बैठक में इस मामले को उठाया. सीओ प्रदीप कुमार ने मामले को गंभीरता से लिया और इसकी जांच के लिए जिला मुख्यालय को खत लिखा.
करीब चार दिन पहले जिला मुख्यालय से जानकारी मिली कि स्थानीय मुखिया गुड़िया देवी व पंचायत सेवक चूड़ामन ने दुलाली देवी समेत इसी पंचायत के तीन अन्य जीवित व्यक्ति को भी मृत घोषित कर दिया है. इसी कारण से इन सभी का पेंशन जुलाई 2018 से ही बंद है. इधर, पेंशनधारियों को मृत घोषित कर दिये जाने की जानकारी मिलने पर वे सभी हतप्रभ हैं.
सात माह पहले भी उठा था मामला : उपप्रमुख ने जनवरी 2019 में हुई पंचायत समिति की बैठक में भी दुलाली देवी का पेंशन बंद हो जाने का मामला उठाया था, लेकिन उस समय इसकी कोई जानकारी उपलब्ध नहीं करायी गयी.
मुखिया एवं पंचायत सेवक ने मामले को दबाये रखा. तत्कालीन सीओ के स्तर से भी इसका खुलासा नहीं किया गया. जबकि, मुखिया गुड़िया देवी ने जनवरी 2019 में सीओ को पत्र लिखकर इससे अवगत कराते हुए सभी का पेंशन पुन: चालू कराने का आग्रह किया था.
मुखिया ने लिखा है वर्ष 2017-18 के भौतिक सत्यापन के क्रम में भूलवश चार पेंशनधारियों को मृत घोषित कर दिया गया था. हालांकि, इन चारों के अलावा भी अन्य कई जीवित लोगों को मृत घोषित कर दिये जाने की बात सामने आ रही है.
पुरनी बगियारी निवासी दुलाली देवी (पति-विशु महतो), 02. जामकुदर निवासी गणेश रजवार (पिता-सोहराय रजवार), 03. टांगटोना निवासी भीष्म तुरी (पिता-जीतू तुरी) व 04. मेरामहारा निवासी एतवारी देवी (पति-मातला मांझी). एतवारी का पेंशन जून 2015 से ही बंद है. इसी प्रकार भीष्म तुरी की पेंशन अगस्त 2017 से बंद है. गणेश को भी दो साल से पेंशन नहीं मिली है.
यह मामला मुखिया एवं पंचायत सेवक की घोर लापरवाही का नतीजा है. इससे यह भी साबित होता है कि भौतिक सत्यापन घर बैठे कर लिया गया था. अगर सभी का पेंशन पुन: चालू हो भी जाता है तो इतने वर्षों तक जो पेंशन नहीं मिला, उसकी भरपाई कौन करेगा? पंचायत सेवक के वेतन से इन चारों गरीब पेंशनधारियों के पेंशन की भरपाई की जानी चाहिए तथा इस प्रकार की लापरवाही के लिए कार्रवाई भी होनी चाहिए.
ज्योत्सना झा, उपप्रमुख-कसमार प्रखंड
जिन पेंशनधारियों को मृत घोषित कर दिया गया था, उनकी पेंशन पुन: चालू कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है. वे सभी पेंशन का हकदार है. उन्हें निश्चित तौर पर पेंशन मिलेगी. जिस अवधि में नहीं मिली, वह मिल सकेगी या नहीं, यह अभी स्पष्ट नहीं कह सकता. इसका वाला आधार लिंकेज में गड़बड़ी के कारण भी बहुतों को पेंशन नहीं मिल रहा. इसमें भी सुधार का निर्देश दिया गया है.
प्रदीप कुमार, सीओ, कसमार
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