बेरमो : धनबाद से दिल्ली तक की कसरत लायी रंग, सदन से लेकर मंत्री व विभागीय अधिकारियों तक पर बनाया दबाव

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बेरमो :  धनबाद से दिल्ली तक की कसरत लायी रंग, सदन से लेकर मंत्री व विभागीय अधिकारियों तक पर बनाया दबाव

राकेश वर्मा, बेरमो धनबाद-चंद्रपुरा लाइन की बंदी धनबाद-बोकारो के लिए एक बुरी खबर थी. रेल मंत्रालय के फैसले के साथ क्षेत्र में आंदोलनों का दौर चल पड़ा था. राजनीतिक-गैर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गयी थीं. कई बार गिरिडीह सांसद रवींद्र कुमार पांडेय को तीखी आलोचनाओं का शिकार होना पड़ा था. नतीजा यह हुआ कि कतरास […]

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राकेश वर्मा, बेरमो

धनबाद-चंद्रपुरा लाइन की बंदी धनबाद-बोकारो के लिए एक बुरी खबर थी. रेल मंत्रालय के फैसले के साथ क्षेत्र में आंदोलनों का दौर चल पड़ा था. राजनीतिक-गैर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गयी थीं. कई बार गिरिडीह सांसद रवींद्र कुमार पांडेय को तीखी आलोचनाओं का शिकार होना पड़ा था.
नतीजा यह हुआ कि कतरास क्षेत्र की जनता और यात्रियों की समस्या से वाकिफ श्री पांडेय ने इसे प्रतिष्ठा का विषय बना लिया. उन्होंने लगातार 19 माह तक संसद से लेकर मंत्री व विभागीय अधिकारियों तक इस विषय को रखा और डीसी लाइन चालू करने पर जोर दिया. श्री पांडेय ने अधिकारियों को कठघरे में खड़ा किया.
कहा जाता है कि राजनीति में प्रेशर ग्रुप काम करता है. यहां यही दिखा. डीसी लाइन को डेंजर जोन से बाहर निकाल रेलवे बोर्ड ने 15 फरवरी से पुन: ट्रेन चलाने की अनुमति दे दी. इसकी पटकथा 11 जनवरी, 2018 को सांसद के साथ केंद्रीय श्रम राज्य मंत्री संतोष गंगवार की दिल्ली में हुई बैठक में ही तैयार हो गयी थी.
12 जनवरी को सांसद ने डीसी लाइन को चालू करने के मुद्दे पर रेल व कोयला मंत्री पीयूष गोयल से दिल्ली में मुलाकात की. इसके बाद मंत्री श्री गंगवार की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक हुई थी, जिसमें बंद डीसी लाइन पर एचपीसीसी रिपोर्ट तलब की गयी. बैठक में डीजीएमएस, सिंफर, रेलवे व बीसीसीएल के अधिकारियों के अलावा सांसद रवींद्र पांडेय भी मौजूद थे. सांसद ने भूमिगत आग के आकलन में डीजीएमएस की दक्षता पर सवाल खड़े किये थे.
अंतत: रेल मंत्री ने मामले में गंभीरता दिखायी. उन्हाेंने रेल अधिकारियों कोे कड़े निर्देश देकर हर हाल में परिचालन शुरू कराने को कहा था. याद रहे कि करीब सात माह पूर्व भी सांसद श्री पांडेय ने केंद्रीय श्रम राज्य मंत्री संतोष गंगवार से दिल्ली में मुलाकात कर उनके समक्ष मामले को रखा था. श्री गंगवार ने एक कमेटी का गठन कर डीजीएमएस को रिव्यू करने को कहा था.
सांसद श्री पांडेय की अध्यक्षता में डीजीएमएस, सिंफर, रेलवे व बीसीसीएल के अधिकारियों ने बैठक में रिव्यू कर रिपोर्ट सौंपी थी. सांसद तत्कालीन कोल सचिव सुरेश कुमार, प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव नृपेंद्र मिश्रा, हाजीपुर जोन के जीएम, कोलकाता के गार्डन रिच स्थित दक्षिण-पूर्व रेलवे के मुख्यालय में दो बार आयोजित पूर्व-मध्य रेलवे की संसदीय समिति की बैठक में डीसी लाइन का मामला रखा था.
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