भोजपुरी के कुछ शब्दों का नहीं है कोई विकल्प : सरयू राय
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :03 Oct 2018 6:20 AM (IST)
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बोकारो : शब्दों की धनी भोजपुरी केवल भारत में ही नहीं, बल्कि दुनिया के दूसरे हिस्से में बसे जैसे गुयाना, मॉरिशस, गिनी जैसे देशों में बहुलता से बोली जाती है. भोजपुरी में ऐसे शब्द हैं, जिनका कोई भी विकल्प नहीं है. भोजपुरी भाषी दुनिया के हर हिस्से में रह कर भी अपनी भाषा व संस्कृति […]
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बोकारो : शब्दों की धनी भोजपुरी केवल भारत में ही नहीं, बल्कि दुनिया के दूसरे हिस्से में बसे जैसे गुयाना, मॉरिशस, गिनी जैसे देशों में बहुलता से बोली जाती है. भोजपुरी में ऐसे शब्द हैं, जिनका कोई भी विकल्प नहीं है. भोजपुरी भाषी दुनिया के हर हिस्से में रह कर भी अपनी भाषा व संस्कृति को अक्षुण्ण बनाये हुए हैं.
यह बातें झारखंड सरकार के खाद्य व आपूर्ति मंत्री सह भोजपुरिया परिवार के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष सरयु राय ने मंगलवार को बतौर मुख्य अतिथि कही. मौका था भोजपुरिया परिवार की ओर से हंस मंडप-सेक्टर-1 में आयोजित ‘एगो सांझ सपूतन के नाम’ कार्यक्रम का.
भोजपुरी अपनापन वाली भाषा : पीएन सिंह
विशिष्ट अतिथि के रूप में सांसद-धनबाद पशुपतिनाथ सिंह ने कहा : अपनापन वाली कोई भाषा है तो वह भोजपुरी है, जिसे दूसरे भाषा-भाषी भी बड़ी शौक से सीखना और बोलना चाहते हैं. विविधता पर प्रकाश डालते हुए सांसद ने कहा : अंग्रेजी के ‘यू’ शब्द का विकल्प ही अगर भोजपुरी में देखा जाये, तो बड़े, छोटे, पुरुष व स्त्री के लिए अलग-अलग शब्द है.
जैसे तू, तहरा, तोर, तोरा, तहरी, ते, राउर, आपन आदि. कार्यक्रम की अध्यक्षता बोकारो जिला भोजपुरिया समाज के अध्यक्ष बीबीएल श्रीवास्तव ने की. मंच संचालन भोजपुरिया समाज के वरीय सदस्य ओम प्रकाश गुप्ता ने किया. रेखा तिवारी के स्वागत गान से कार्यक्रम शुरू हुआ.
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