बैंक मैनेजर की हत्या का आरोपी साक्ष्य के अभाव में बरी
Updated at : 08 Sep 2018 4:26 AM (IST)
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बोकारो : स्थानीय न्यायालय के अपर जिला व सत्र न्यायाधीश द्वितीय जनार्दन सिंह की अदालत ने बोकारो के चर्चित बैंक ऑफ इंडिया के पीओ निशांत पंसारी हत्याकांड में अभियुक्त विकास जायसवाल को साक्ष्य के अभाव में शुक्रवार को रिहा कर दिया. विकास जायसवाल रांची का निवासी है. न्यायालय में यह मामला सेशन ट्रायल संख्या-100/16 व […]
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बोकारो : स्थानीय न्यायालय के अपर जिला व सत्र न्यायाधीश द्वितीय जनार्दन सिंह की अदालत ने बोकारो के चर्चित बैंक ऑफ इंडिया के पीओ निशांत पंसारी हत्याकांड में अभियुक्त विकास जायसवाल को साक्ष्य के अभाव में शुक्रवार को रिहा कर दिया. विकास जायसवाल रांची का निवासी है. न्यायालय में यह मामला सेशन ट्रायल संख्या-100/16 व सेक्टर छह थाना कांड संख्या-24/15 के तहत चल रहा था. न्यायालय में अभियुक्त की तरफ अधिवक्ता रणजीत गिरी ने बहस की.
क्या है मामला : घटना की प्राथमिकी गोमिया निवासी मृतक के भाई प्रशांत श्रीवास्तव के बयान पर दर्ज की गयी थी. यह घटना 22 दिसंबर 2015 को सेक्टर पांच स्थित मानव सेवा आश्रम के पास रात दस बजे के आस-पास हुई थी. बैंक मैनेजर निशांत पंसारी अपनी ड्यूटी के बाद कार से चीरा चास स्थित आवास जा रहे थे. बाइक सवार अज्ञात अपराधियों ने कार रूकवा कर निशांत पंसारी को गोली मारकर हत्या कर दी थी.
मामला दर्ज कर पुलिस ने जब अनुसंधान किया तो हत्या का कारण निशांत पंसारी का गोमिया की ही एक युवती से प्रेम प्रसंग सामने आया. पुलिस ने युवती को हिरासत में लेकर पूछताछ की. इसके बाद हत्या के इस मामले में रांची के लाल बाजार निवासी बरतन व्यवसायी विकास जायसवाल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया. नौ माह बाद विकास को हाइकोर्ट से बेल मिली थी. विकास के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य नहीं होने के कारण न्यायाधीश ने उसे रिहा करने का आदेश सुनाया है.
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