बीएसएल वापस करेगा मानगो कनारी मौजा की 1400 एकड़ भूमि

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शीघ्र होगा सर्वे, डीसी ने समिति गठित की बसंत मधुकर बोकारो : राज्य सरकार ने बीएसएल से मानगो व कनारी मौजा की 1400 एकड़ भूमि वापस लेने के लिए कवायद शुरू कर दी है. डीसी मृत्युंजय कुमार बरनवाल ने इसके लिए समिति गठित की है. अब शीघ्र सर्वे का कार्य शुरू होने वाला है. जिला […]

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शीघ्र होगा सर्वे, डीसी ने समिति गठित की

बसंत मधुकर

बोकारो : राज्य सरकार ने बीएसएल से मानगो व कनारी मौजा की 1400 एकड़ भूमि वापस लेने के लिए कवायद शुरू कर दी है. डीसी मृत्युंजय कुमार बरनवाल ने इसके लिए समिति गठित की है. अब शीघ्र सर्वे का कार्य शुरू होने वाला है. जिला प्रशासन ने सरकार से चुनाव का हवाला देते हुए सर्वे आदि के लिए कुछ समय मांगा है.

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर हो रही है कार्रवाई : सर्वे व भूमि वापसी की कार्रवाई सर्वोच्च न्यायालय में चल रहे राज्य सरकार बनाम बोकारो स्टील प्लांट के बीच चल रहे सिविल नंबर 3986-3987/2010 में निर्देश के आलोक में हो रही है.

कोर्ट ने 04 अप्रैल 2018 को बीएसएल व राज्य सरकार को मामले का समाधान करने का निर्देश दिया था. इसके बाद प्रधान सचिव सुनील बरनवाल व बीएसएल के सीइओ के साथ 17 अप्रैल को रांची में बैठक हुई थी. इसमें 1400 एकड़ भूमि वापस करने का निर्णय लिया गया था. बीएसएल ने इसके लिए सैद्धांतिक सहमति दे चुका है.

समिति में कौन-कौन पदाधिकारी है शामिल : डीसी द्वारा सर्वे के गठित समिति में डीपीएलआर डायरेक्टर एसएन उपाध्याय, विशेष भू-अर्जन पदाधिकारी संदीप कुमार, आवासीय दंडाधिकारी मेनका, चास सीओ वंदना सेजवलकर, बीएसएल के नगर प्रशासन के महाप्रबंधक मुनि राजू, एजीएम अजीत कुमार,प्रबंधक एन सिद्दिकी शामिल है. उनके अलावे मापी व रिकॉर्ड तैयार करने के लिए आठ कर्मचारियों की प्रतिनियुक्ति की गयी है. इसमें प्रधान लिपिक, सहायक व अमीन शामिल है.

पांच मिलियन टन से कम क्षमता है बीएसएल प्लांट का

योजना के मुताबिक बीएसएल 10 मिलियन टन क्षमता का प्लांट को बनना था .उसी के मुताअिक भूमि का अधिग्रहण किया गया था. लेकिन अब तक बीएसल प्लांट मात्र 4.7 मिलियन टन क्षमता वाला प्लांट बना है. इसलिए बीएसएल के पास काफी अधिग्रहित भूमि अनुपयोगी रह गयी है.

रांची में प्रधान सचिव व बीएसएल के बीच हुई बैठक के आलोक में मानगो व कनारी मौजा की लगभग 1400 एकड़ भूमि राज्य सरकार को वापस होनी है. इसलिए उपायुक्त ने उक्त दोनों मौजा के सर्वे के लिए टीम गठित किया है. शीघ्र ही सर्वे का कार्य शुरू किया जायेगा.

संदीप कुमार ,विशेष भू अर्जन पदाधिकारी,बोकारो

पूर्व में हो चुका है सर्वे : पूर्व में भी जिला प्रशासन मानगो व कनारी मौजा में सर्वे कर चुका है. उस सर्वे के मुताबिक बीएसएल के अधीन भूमि पर दो गांव में आठ पॉकेट है. जिसमें घर व अस्थायी घर आदि का निर्माण किया गया है. लगभग 1000 हजार घर है.

क्या करेगी गठित टीम : डीसी के निर्देश के अनुसार गठित टीम गांव का सर्वेक्षण करेगी. गांवों में रहने वालों लोगों को चिह्नित किया जायेगा. गांव में रहने वाले लोग स्थानीय है अथवा बाहर से जाकर अतिक्रमण किया है.

बीएसएल में काम करने वाले श्रमिक कितने है. टीम उसका सत्यापन करने के अलावा भूखंड का नक्शा तैयार करेगी. कितनी भूमि अतिक्रमित है. उसकी रिपोर्ट भी तैयार करेगी. उसके आधार पर वहां के लोगों को हटाने की कार्रवाई की जायेगी.

बीएसएल ने किया है 29 हजार 827 एकड़ भूमि अधिग्रहण : बीएसएल ने 1956 से 1982 तक लगभग 29 हजार 827 एकड़ भूमि अधिग्रहण किया है. इसमें 2131 एकड़ भवनाथपुर में है शेष भूमि बोकारो में है. जिसमें बीएसएल ने समाहरणालय, बियाडा आदि को कुछ भूमि दिया है.

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