शिवम अस्पताल में अब भी इलाजरत हैं 12 छात्राएं
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
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अस्पताल में भर्ती छात्राओं पर साफ दिख रहा था एग्जाम का प्रेशर बोकारो : रविवार को कान्हा स्टोर मेस से इडली, सांभर व चटनी खाने के बाद बीमार विद्यार्थियों की स्थिति सोमवार को सामान्य हो गयी. बीजीएच में इलाजरत सभी 21 विद्यार्थियों को चिकित्सकों ने छुट्टी दे दी. वहीं सेक्टर चार लक्ष्मी मार्केट स्थित शिवम […]
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अस्पताल में भर्ती छात्राओं पर साफ दिख रहा था एग्जाम का प्रेशर
बोकारो : रविवार को कान्हा स्टोर मेस से इडली, सांभर व चटनी खाने के बाद बीमार विद्यार्थियों की स्थिति सोमवार को सामान्य हो गयी. बीजीएच में इलाजरत सभी 21 विद्यार्थियों को चिकित्सकों ने छुट्टी दे दी. वहीं सेक्टर चार लक्ष्मी मार्केट स्थित शिवम अस्पताल में इलाजरत 17 छात्राओं की स्थिति में सुधार होने के बाद से बारी-बारी छुट्टी दी जा रही है. अस्पताल में डीएवी सेक्टर चार, डीपीएस बोकारो, बोकारो पब्लिक स्कूल, दी पेंटीकॉस्टल एसेंबली स्कूल की 11 वीं व 12 वीं तथा आकाश इंस्टीट्यूट में मेडिकल-इंजीनियरिंग की तैयारी करने वाली छात्राएं इलाजरत थी.
इलाज कर रहे चिकित्सक डॉ एस गिरि ने बताया कि स्थिति सामान्य है. सभी छात्राओं को स्थिति के अनुसार अस्पताल से छुट्टी दी जा रही है. एग्जाम का प्रेशर इस कदर छात्राओं पर हावी है कि अस्पताल में इलाजरत होने के बाद भी छात्राएं पढ़ाई कर रही है. छात्राओं ने ‘प्रभात खबर’ से घटनाक्रम के बारे में जानकारी दी. कहा : हमलोगों ने इडली, सांभर व चटनी खायी. कुछ देर बार थोड़ी बेचैनी महसूस होने लगी. इसके बाद उल्टी व पेट दर्द भी शुरू हो गया. देखते ही देखते हम सभी की तबीयत अचानक खराब होने लगी.
जब तक हम कुछ समझ पाते. कुछ लड़कियां बेहोश होने लगी. इसके बाद हमें कुछ होश नहीं रहा. जिसे जहां नजदीक अस्पताल मिला. वहां सहेलियों ने भर्ती कराया.
कान्हा स्टोर मेस का इडली, सांभर व चटनी खाकर बीमार पड़े थे विभिन्न हॉस्टल के स्टूडेंट्स
नाम : नित्या कुमारी – कक्षा 11 वीं
विद्यालय : डीपीएस सेक्टर चार
हॉस्टल : चौधरी गर्ल्स हॉस्टल, सिटी सेंटर, सेक्टर चार
स्थायी निवास : पूर्णिया, बिहार
19 बोक 09 – भवानी कुमारी
नाम : भवानी कुमारी – कक्षा 11 वीं
विद्यालय : डीएवी सेक्टर चार
हॉस्टल : आस्था गर्ल्स हॉस्टल, सिटी सेंटर, सेक्टर चार
स्थायी निवास : गोड्डा, झारखंड
नाम : स्वर्णिम गौतम मेडिकल की तैयारी
हॉस्टल : आस्था गर्ल्स हॉस्टल, सिटी सेंटर, सेक्टर चार
स्थायी निवास : गिरिडीह, झारखंड
नाम : मुस्कान कुमारी मेडिकल की तैयारी
हॉस्टल : आस्था गर्ल्स हॉस्टल, सिटी सेंटर, सेक्टर चार
स्थायी निवास : नवगछिया बिहार
नाम : राजलक्ष्मी – कक्षा 11 वीं
विद्यालय : डीएवी सेक्टर चार
हॉस्टल : आस्था गर्ल्स हॉस्टल, सिटी सेंटर, सेक्टर चार
स्थायी निवास : लखीसराय बिहार
नाम : मुशर्रत जमील – मेडिकल की तैयारी
हॉस्टल : आस्था गर्ल्स हॉस्टल, सिटी सेंटर, सेक्टर चार
स्थायी निवास : गिरिडीह झारखंड
नाम : प्रकृति – इंजीनियरिंग की तैयारी
हॉस्टल : आस्था गर्ल्स हॉस्टल, सिटी सेंटर, सेक्टर चार
स्थायी निवास : कथारा, झारखंड
नाम : लाइबा – कक्षा 12 वीं
विद्यालय : दी पेंटीकॉस्टल एसेंबली स्कूल
हॉस्टल : चौधरी गर्ल्स हॉस्टल, सिटी सेंटर, सेक्टर चार
स्थायी निवास : गिरिडीह, झारखंड
नाम : स्मृति – कक्षा 11 वीं
विद्यालय : बोकारो पब्लिक स्कूल
हॉस्टल : चौधरी गर्ल्स हॉस्टल, सिटी सेंटर, सेक्टर चार
स्थायी निवास : धनबाद, झारखंड
क्या आप टॉयलेट रूम में सब्जी साफ करते हैं !
सवाल : आप सब्जी कहां साफ करते हैं?
मेस के बायें तरफ पीछे की जगह का इस्तेमाल करते हैं. चलिये दिखा देते हैं.
टीम जगह देखने के लिए जाती है. सब्जी साफ करने वाले स्थान में शौचालय दिखता है. एक अन्य जगह पर ड्रेनेज की पुख्ता व्यवस्था नहीं होती है.
इसके बाद टीम ने कहा : क्या आप शौचालय में सब्जी साफ करते हैं!
सवाल : बर्तन की सफाई कैसे होती है ?
बर्तन धोने वाला साबुन है.
टीम : दिखाइये.
अभी तो वह रूम बंद है. वो बगल वाले कमरे में होता है. कमरे के मालिक चाबी लेकर चले गये हैं.
सवाल : आपको मसाला रखने वाली जगह व बाहरी बनावट को साफ-सुथरा करने को कहा गया था, अभी तक सफाई किये नहीं क्यों ?
सर, बच्चों को लेकर परेशान हूं. जिन अस्पताल में बच्चे एडमिट हैं, उसी के चक्कर लगा रहा हूं. इसी कारण सफाई नहीं हो पाई है. सफाई आज ही करा लेंगे.
बोकारो : फूड प्वॉइजनिंग मामले को लेकर सोमवार को उपायुक्त की ओर से गठित टीम ने सिटी सेंटर-04 स्थित कान्हा स्टोर एंड मेस पहुंची. फूड सेफ्टी की सभी बिंदु की जांच की गयी. साफ-सफाई के इंतजाम देखे गये. कच्चा माल आपूर्ति, रख-रखाव, पक्का सामग्री संग्रहण, डिलिवरी समेत सभी बिंदु पर जानकारी इकट्ठा की गयी.
घर के लिए भी खाना ऐसे ही बनाते हैं क्या : टीम ने मेस की व्यवस्था से नाराजगी जतायी. संचालक से कहा : क्या घर में ऐसे ही खाना बनाते हैं, साफ-सफाई कहीं दिख ही नहीं रही है. ड्रेनेज के बगल में ही खाना बनाया जा रहा है. मक्खियां भिनभिना रहीं हैं. प्लास्टिक की बर्तन में व्यंजन रखा जा रहा है. आखिर घटना के बाद भी तो सचेत होना चाहिए. क्या व्यवस्था बना कर रखा है आपने! ऐसा खाना खाकर कोई भी बीमार बन जायेगा.
आवासीय दंडाधिकारी अरुणा कुमारी ने कहा : मामला गंभीर है. कई बिंदुओं पर जांच की जा रही है. संचालक से कई स्तर की पूछताछ की गयी है. साक्ष्य भी देखा गया है. कार्यपालक दंडाधिकारी प्रभाष दत्ता ने कहा : सभी नियम को ध्यान में रख कर जांच की जा रही है. शहर के सभी मेस की जांच की जायेगी, ताकि ऐसी घटना की पुनरावृत्ति नहीं हो. मेडिकल ऑफिसर डॉ बी मिश्रा ने कहा : मेस को लेकर कभी कोई शिकायत नहीं मिली थी, इस कारण अभी तक मेस की जांच नहीं की गयी थी. मामला संज्ञान में आया है. अब मेस की लगातार जांच होगी.
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