अंगीभूतीकरण की आस में अटकी सांस

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आरवीएस. स्थापना के 35 वर्ष बाद भी नहीं हुआ अंगीभूतीकरण बोकारो : रणविजय स्मारक (आरवीएस) महाविद्यालय की स्थापना को 35 साल हो गये. आज भी हम कॉलेज के अंगीभूतीकरण का इंतजार कर रहे हैं. कई बार आंदोलन की राह पकड़ी. आश्वासन देकर आंदोलन भी समाप्त करा दिया जाता रहा है. आज भी अंगीभूतीकरण की आस […]

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आरवीएस. स्थापना के 35 वर्ष बाद भी नहीं हुआ अंगीभूतीकरण

बोकारो : रणविजय स्मारक (आरवीएस) महाविद्यालय की स्थापना को 35 साल हो गये. आज भी हम कॉलेज के अंगीभूतीकरण का इंतजार कर रहे हैं. कई बार आंदोलन की राह पकड़ी. आश्वासन देकर आंदोलन भी समाप्त करा दिया जाता रहा है. आज भी अंगीभूतीकरण की आस में अटकी है सांस. यह बातें आरवीएस महाविद्यालय के शिक्षक व शिक्षकेतर कर्मियों ने बुधवार को ‘प्रभात खबर’ से कही.
प्राचार्य डॉ पीएन सिंह ने कहा : वर्ष 1982 में चास में मात्र 50 विद्यार्थियों से कॉलेज शुरू हुआ. कॉलेज में 50 व्याख्याता व 49 शिक्षकेतरकर्मी पदस्थापित हैं. व्याख्याता बिहार कॉलेज सेवा आयोग द्वारा नियुक्ति किये गये हैं. अन्य जेपीएससी से सहमति प्राप्त नियुक्त हैं. विभावि के तहत 46 स्थायी संबद्धता प्राप्त महाविद्यालय संचालित है.
तत्कालीन भाजपा सरकार ने 23 दिसंबर 2011 को विधानसभा में अंगीभूतीकरण का मामला उठाया था. कुछ को अंगीभूतीकरण व कुछ को घाटानुदान करने की बात कही गयी थी. राज्य सरकार, विवि प्रबंधन व जिला प्रशासन से कॉलेजों की पूरी रिपोर्ट मांगी गयी थी. सभी स्तर पर सरकार को रिपोर्ट सौंप दी गयी. कॉलेज की ग्रेडिंग भी हुई. इसके बाद चुप्पी छा गयी. अब विश्वविद्यालय भी बदल कर कोयलांचल कर दिया गया है. आज भी समस्या का समाधान नहीं हो पाया है.
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