स्वच्छता नाम की लूट, लूट सको तो लूट

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बोकारो: स्वच्छता अभियान की एक कड़ी क्षेत्र को खुले में शौच से मुक्त करना है. इस दिशा में काम भी हो रहा है. चास नगर निगम क्षेत्र में शौचालय दर शौचालय का निर्माण किया जा रहा है. लेकिन, कई जगह पहले से मौजूद शौचालय के बावजूद नया शौचालय बनाया जा रहा है. सामुदायिक शौचालय का […]

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बोकारो: स्वच्छता अभियान की एक कड़ी क्षेत्र को खुले में शौच से मुक्त करना है. इस दिशा में काम भी हो रहा है. चास नगर निगम क्षेत्र में शौचालय दर शौचालय का निर्माण किया जा रहा है. लेकिन, कई जगह पहले से मौजूद शौचालय के बावजूद नया शौचालय बनाया जा रहा है. सामुदायिक शौचालय का निर्माण संस्थानों में किया जा रहा है.
सीआरपीएफ कैंप व महिला कॉलेज में आम आदमी कैसे जायेगा शौचालय
सामुदायिक शौचालय बनाने में जिस जगह का चयन किया जा रहा है, वह कहीं-कहीं सामुदायिक प्रतीत नहीं हो रहा. मसलन चास स्थित सीआरपीएफ 26वीं बटालियन कैंप व चास महिला कॉलेज में शौचालय बनने के बाद, इसका इस्तेमाल सीमित दायरा में बन कर रह जायेगा. अगर आम आदमी इस शौचालय का इस्तेमाल करने लगे, तो महिला कॉलेज व कैंप की सुरक्षा पर सवालिया निशान लग जायेगा. इसी तरह चास थाना में भी शौचालय बनाया जा रहा है.
1000 मीटर रेंज में छह व 400 मीटर रेंज में चार शौचालय
चास नगर निगम कार्यालय से अनुमंडल कार्यालय तक छह शौचालय बन रहे हैं. दोनों कार्यालय के बीच की दूरी मात्र 1000 मीटर है. वहीं, चास महिला कॉलेज, रामरूद्र +2 उवि, चेकपोस्ट व रणविजय कॉलेज में सामुदायिक शौचालय बनाया जा रहा है. मतलब 400 मीटर की दूरी में चार शौचालय बनाया जा रहा है.
500 मीटर की दूरी पर बनाया जा सकता है शौचालय : दो सामुदायिक शौचालयों के बीच की दूरी कम से कम 500 मीटर होनी चाहिए. लेकिन, चास नगर निगम के इस नियम को नजरअंदाज कर शौचालय बनाया जा रहा है. कहीं-कहीं तो मात्र 100 मीटर की दूरी पर ही शौचालय का निर्माण किया जा रहा है. एक सामुदायिक शौचालय बनाने का खर्च 16 से 23 लाख रुपया होता है. इसमें छह से 10 बेस प्वाइंट व नहाने की व्यवस्था होती है.
एक बन कर तैयार, दूसरा बनाने की तैयारी
चास प्रखंड कार्यालय परिसर में सामुदायिक शौचालय बनाने के लिए जगह चिह्नित की जा रही है. जबकि कार्यालय के पहले से ही दो तल का शौचालय है. इसे चास नगर निगम ने ही बनाया है. इसका संचालन सुलभ इंटरनेशनल संस्था करती है. सबसे बड़ा सवाल यह कि नये ब्लॉक भवन निर्माण का मसौदा भी तैयार किया गया है. लगभग तीन करोड़ की इस योजना का टेंडर भी जारी कर दिया गया है. ऐसे में ब्लॉक में नयी शौचालय निर्माण के लिए जगह चयन करना कई सवाल खड़ा करता है.
जहां घनी आबादी है, वहां शौचालय की संख्या अधिक हो सकती है. चास ब्लॉक ऑफिस में शौचालय निर्माण के लिए अंचल अधिकारी व प्रखंड अधिकारी ने लिखित आवेदन किया था. इसके बाद निर्माण की प्रक्रिया शुरू की गयी है. अन्य जगहों पर भी निर्माण कार्य मांग के अनुरूप हो रहा है. नगर निगम क्षेत्र को ओडीएफ बनाये रखने के लिए शौचालय निर्माण जरूरी है.
जेपी यादव, कार्यपालक पदाधिकारी, चास नगर निगम
व्यावसायिक क्षेत्र में 500 मीटर की दूरी पर सामुदायिक शौचालय होना चाहिए. जगह ऐसी हो जहां ज्यादा से ज्यादा आम आदमी आते हैं. चास नगर निगम क्षेत्र में सीआरपीएफ कैंप या अन्य जगहों में शौचालय का निर्माण कैसे हो रहा है, यह समझ से परे है. सामुदायिक शौचालय का उद्देश्य खुले में शौच से क्षेत्र को मुक्ति दिलानी है.
आरके शर्मा, डायरेक्टर, स्टेट अर्बन डेवलपमेंट एजेंसी
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