रैयत कामिनी के आवेदन पर तीन साल से चल रही थी जांच, फर्जीवाड़ा कर नौकरी पाने वाले दो कोल कर्मी बर्खास्त

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गांधीनगर: फर्जीवाड़ा कर सीसीएल में नौकरी पाने वाले दो कर्मियों को प्रबंधन ने बर्खास्त कर दिया है. यह कार्रवाई बीएंडके प्रक्षेत्र की की कारो वन परियोजना में भंडारपाल के पद पर कार्यरत रमेंद्र दुबे व अमलगेमेटेड अमलो-ढोरी ओसीएम परियोजना में डंपर ऑपरेटर के पद पर कार्यरत दुलारचंद विश्वकर्मा पर हुई है. कारो वन परियोजना के […]

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गांधीनगर: फर्जीवाड़ा कर सीसीएल में नौकरी पाने वाले दो कर्मियों को प्रबंधन ने बर्खास्त कर दिया है. यह कार्रवाई बीएंडके प्रक्षेत्र की की कारो वन परियोजना में भंडारपाल के पद पर कार्यरत रमेंद्र दुबे व अमलगेमेटेड अमलो-ढोरी ओसीएम परियोजना में डंपर ऑपरेटर के पद पर कार्यरत दुलारचंद विश्वकर्मा पर हुई है.

कारो वन परियोजना के विस्तार के क्रम में स्थानीय रैयत की जमीन एडजस्ट कर विस्थापित के नाम पर इन्होंने नौकरी पायी थी. इनके विरुद्ध पीओ द्वारा बर्खास्तगी संबंधित पत्र निर्गत कर दिया गया है. रमेंद्र दुबे को पत्रांक संख्या पीओ/कारो आइ/पीडी/17-18/5261-76 दिनांक 23/9/17 और दुलारचंद विश्वकर्मा को पत्रांक संख्या पीओ (अ) कार्मिक/अनुकार बर्खास्तगी आदेश/ 2017/1420-99 दिनांक 31/08/2017 के तहत बर्खास्त किया गया है. इसमें कहा गया है कि उन दोनों ने आरोप पत्र का जवाब प्रस्तुत किया है, वह संतोषजनक नहीं पाया गया. जांच अधिकारी ने दोनों के ऊपर लगे आरोप को सही बताया है.

कामिनी देवी को अब हक मिलने की आस

कारो बस्ती की रैयत कामिनी देवी ने कहा कि 20 वर्षों तक कार्यालय का चक्कर लगाते-लगाते न्याय मिलने की आस भी टूट रही थी. वर्ष 2014 में आरटीआइ द्वारा अपनी जमीन की जानकारी मांगी तो पता चला कि हमारी लगभग सात एकड़ 55 डिसमिल जो हमारे पूर्वजों के नाम से थी, उस जमीन को एडजस्ट कर हमारी सहमति लिये बिना किसी और को नौकरी दे दी गयी है. इसके बाद प्रबंधन को आवेदन देकर जांच की मांग की. न्याय पाने के लिए 17 जनवरी 2016 को जीएम कार्यालय के समक्ष आमरण अनशन पर भी बैठी थी. फर्जीवाड़ा कर नौकरी कर रहे दोनों कर्मियों की बर्खास्तगी के बाद एक नयी आशा जगी है. अब सीसीएल प्रबंधन हमारे आश्रितों को जल्द नौकरी व मुआवजा दे. तीन और लोग हैं जो इसी तरह फर्जीवाड़ा कर नौकरी कर रहे हैं. उन पर भी जांच चल रही है. उन्हें भी प्रबंधन बर्खास्त करे और असली रैयत को उनका हक दे.

जांच के बाद मुख्यालय से बर्खास्तगी का आदेश मिला. इसे संबंधित परियोजना के पीओ को भेजा गया. वहां से दोनों कर्मियों को बर्खास्त करने का आदेश जारी किया गया है. इसकी प्रतिलिपि दोनों कर्मियों के अलावा सभी संबंधित पदाधिकारियों को भी भेज दी गयी है.

पीसी सेट्ठी, एसओपी, बीएंडके प्रक्षेत्र

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