बोकारो में भारत बचाओ-भारत बदलो यात्रा, कन्हैया बोले : रावण के 10 सिर थे, नरेंद्र मोदी के हैं 10 मुखौटे

By Prabhat Khabar Digital Desk
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बोकारो : 'देश में धर्म व राजनीति को घोला जा रहा है. हर मामला को धर्म का रंग देकर तूल देने की कोशिश हो रही है. कभी भीड़ की शक्ल में गौरक्षक आक्रमण कर रहे हैं, तो कभी दोषी रामरहीम के समर्थन में धर्म को लाया जा रहा है. धर्म का राजनीति के घालमेल के कारण देश की स्थित भयावह हो रही है.' यह बात जेएनयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया ने कही. शनिवार को एआइएसएफ व एआइवाइएफ का भारत बचाओ-भारत बदलो यात्रा बोकारो पहुंची. यात्रा को लेकर नया मोड़ स्थित बिरसा आश्रम में आमसभा की गयी. कन्हैया बतौर मुख्य वक्ता संबोधित कर रहे थे.

डरे हुए लोगों से विकसित नहीं हो सकता देश : कन्हैया ने कहा : सच बोलने वालों को सरकार डरा रही है. हत्या तक हो जा रही है. विश्वविद्यालय को देशद्रोही का अड्डा बताया जा रहा है. लोग डरे हुए हैं. डरे हुए लोगों से देश विकसित नहीं हो सकता. कहा : देश को निर्भिकों की जरूरत है, जो न्याय दिला सके. समस्या निवारण के लिए आवाज उठा सके. कहा : निर्भिक लोगों में हर संस्था के लोग शामिल हो सकते हैं, चाहे वह पत्रकार हो, पुलिस हो या प्रशासनिक अधिकारी हो. हर तबके के निर्भिक लोगों को आगे आना होगा.

हर फैसला के साथ बदलता गया समर्थन : कन्हैया ने कहा : हाल के दिनों में कोर्ट की ओर से तीन फैसला आया. एक साथ तीन तलाक मुद्दा पर सत्ता पक्ष व विपक्ष ने ट्वीटर पर बधाई संदेश दिया. निजता के अधिकार वाले फैसला में सिर्फ विपक्ष ने बधाई संदेश दिया. वहीं रामरहीम के मामला में पक्ष व विपक्ष दोनों खामेाश नजर आये. कहा : तीन तालाक वाले मामला पर मोदीजी से खूब ट्वीट किया. देश को बताना चाहिए कि यशोदाबेन को कब न्याय मिलेगा. बेटी बचाओ का नारा देने वालों से पूछना चाहिए कि चंडीगढ़ को छेड़छाड़ से कब मुक्ति मिलेगी.

जनता तय करे कहां वोट देना है : कन्हैया ने कहा : देश में वोट बैंक की राजनीति होती है, कथित बाबाओं के दर पर नेताओं को एकमुश्त वोट की सेटिंग नजर आती है. हर पक्ष का नेता बाबाओं के दर पर सिर झुकाता है. कहा : बाबा लोग सत्संग के नाम पर लोगों को बुलाते हैं और नेतागण उन लोगों के वोट का सौदा करते हैं. कहा : वोट किसे देना है, यह जनता को तय करना चाहिए. किसी बाबा या मौलाना के कहने पर वोट देने वालों के कारण ही देश विकास के बजाय अन्य मुद्दों में भटक रहा है.

सरकार के साथ संस्था पर भी नजर बनाये रखने की जरूरत : प्रभात खबर के सवाल का जवाब देते हुए कन्हैया ने कहा : कोई भी परफेक्ट नहीं हो सकता, जिस न्यायालय निजता के अधिकार से इनकार किया था, उसी ने निजता के अधिकार को लागू करने का फैसला दिया. सीबीआइ भी समय-समय पर ऐसा काम करती नजर आयी है. इसलिए सरकार के साथ-साथ संस्थाओं पर भी ध्यान देने की जरूरत है. कहा : फांसी की सजा को खत्म करने की जरूरत है. कई देशों ने इस पर प्रतिबंध लगाया है.

40 मिनट के भाषण में कन्हैया ने यह भी कहा

  1. रावण का 10 सिर था, मोदी का 10 मुखौटा है
  2. राजनीति से मीडिया, प्रशासन व सेना को दूर रखने की जरूरत
  3. मुद्दा भटकाने में माहिर है मोदी सरकार
  4. कभी गंगा मइया, तो कभी गाय मइया पर विकास की बात गौण
  5. काली टोपी वाले करते हैं काला करतूत
  6. हर धर्म के ठेकेदार के खिलाफ आवाज उठानी होगी
  7. जब हर जगह राम हैं, तो बाबरी मसजिद को क्यों तोड़ा गया
  8. राम सत्ता त्याग कर वनवास गये, यूपी में वन त्याग कर योगी जी सत्ता प्राप्त किये
  9. महिलाओं को बराबरी का हक देना चाहिए
  10. दुर्गापूजा व मुहर्रम में लोग शांति सद्भाव का परिचय दें
  11. बाढ़ पीड़ितों के लिए आगे आयें लोग
  12. हर दिन सेना हो रही है शहीद
  13. किसान कर रहे हैं आत्महत्या
  14. इंजीनियरिंग की डिग्रीधारी रोजगार के लिए भटक रहे हैं
  15. हरियाणा के नेता रामविलास शर्मा व अनिल विज को बताया रामरहिम का दूत
  16. हरियाणा के सीएम खट्टर को कट्टर कह कर संबोधित किया
  17. हिंदू धर्म को विश्व हिंदू परिषद से खतरा
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