125 वर्ष पुराना: मंदिर परिसर की सब्जी मंडी में प्रतिदिन लाखों का होता है कारोबार, चास की खास पहचान है हरि मंदिर
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :17 Jun 2017 11:29 AM (IST)
विज्ञापन

चास: चास के हरि मंदिर की गणना सर्वाधिक पुराने स्थानीय मंदिरों में होती है. पुराना मंदिर होने के कारण हरि मंदिर चास को विशेष पहचान दिलाता है. साथ ही यह बंगाली समुदाय की आस्था का मुख्य केंद्र है. समुदाय के सदस्य किसी भी शुभ कार्य से पहले हरि मंदिर में आकर माथा टेकते हैं. करीब […]
विज्ञापन
चास: चास के हरि मंदिर की गणना सर्वाधिक पुराने स्थानीय मंदिरों में होती है. पुराना मंदिर होने के कारण हरि मंदिर चास को विशेष पहचान दिलाता है. साथ ही यह बंगाली समुदाय की आस्था का मुख्य केंद्र है. समुदाय के सदस्य किसी भी शुभ कार्य से पहले हरि मंदिर में आकर माथा टेकते हैं. करीब 125 वर्ष पूर्व चास मेन रोड में बंगाली समुदाय ने लगभग एक एकड़ जमीन पर इस मंदिर का निर्माण कराया गया था.
नगर निगम की नजर नहीं : समय-समय पर इस मंदिर परिसर में अखंड हरि कीर्तन व साप्ताहिक राम राजा मेला का आयोजन वर्षों से किया जाता है. नगर निगम क्षेत्र में होने के बाद भी इस हरि मंदिर परिसर में साफ-सफाई की व्यवस्था नहीं है. यहां साफ-सफाई चास 16 आना कमेटी ही कराती है. परिसर में नगर निगम ने कहीं भी स्ट्रीट लाइट व एलइडी लाइट की व्यवस्था नहीं की है. फलत: चास हरि मंदिर दिनों-दिन उपेक्षा का शिकार होता जा रहा है.
प्रतिदिन लाखों के कारोबार : हरि मंदिर परिसर के एक एकड़ क्षेत्र में फैले होने से प्रतिदिन यहां बड़ी सब्जी मंडी लगती है. थोक व खुदरा व्यवसाय में रोजाना यहां लाखों रुपये का कारोबार होता है. प्राप्त जानकारी के अनुसार इस मंदिर परिसर में करीब 70-75 दुकानें प्रतिदिन लगती हैं. सब्जी दुकानदारों से हरि मंदिर पूजा कमेटी प्रतिदिन भाड़ा के रूप में शुल्क वसूलती है, लेकिन सुविधा के नाम पर दुकानदारों को जगह के अलावे कुछ भी नहीं मिली है. एक ओर नगर निगम स्वच्छ भारत अभियान के तहत जगह-जगह सामुदायिक शौचालय बना रहा है वहीं इस मंडी पर निगम की नजर नहीं है. यही स्थिति रही तो एक दिन चास की यह पहचान अतीत का हिस्सा हो जायेगी.
प्रत्येक वर्ष लगता है मेला : चास हरि मंदिर कमेटी की ओर से प्रत्येक वर्ष मेला का आयोजन किया जाता है. कमेटी के द्वारा यह मेला वर्षों से लगाया जा रहा है. इस मेले में आसपास के दर्जनों गांवों के लोग अपने पूरे परिवार के साथ आते है.
लोग भगवान श्रीराम परिवार का पूजा अर्चना करने के बाद मेले का आनंद लेते हैं. वहीं मेन रोड चास में रहने वाले बंगाली समुदाय के लिये रामराजा मेला खास है. इस मेले में घुमने के लिये व पूजा अर्चना करने के लिए चास की बेटियां अपने-अपने ससुराल से खासकर पहुंचती है.
दुकानदारों से लिए जानेवाले भाड़े से मंदिर के विकास का कार्य किया जाता है. इसके साथ ही पूजा-अर्चना में आनेवाले खर्च का वहन भी इसी से होता है.
विपद मोदक, अध्यक्ष, हरि
मंदिर पूजा कमेटी
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




