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न्यायालयों में मुकदमे लंबित हैं, बार और बेंच के सहयोग से मामलों के निष्पादन को बल मिलेगा

Updated at : 26 Jan 2020 4:23 AM (IST)
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न्यायालयों में मुकदमे लंबित हैं, बार और बेंच के सहयोग से मामलों के निष्पादन को बल मिलेगा

रांची : कोई भी व्यक्ति संस्था से ऊपर नहीं होता है. आवश्यकता, संघर्ष, अाविष्कार के बाद विकास होता है. विकास की प्रक्रिया थमनेवाली नहीं है. यह प्रक्रिया चलती रहेगी. नये कानून बनेंगे. लोगों को त्वरित न्याय मिलेगा. जस्टिस डिलिवरी सिस्टम को चलाने की जितनी जिम्मेवारी न्यायिक अधिकारियों की है, अधिवक्ताअों पर भी उतनी ही जिम्मेवारी […]

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रांची : कोई भी व्यक्ति संस्था से ऊपर नहीं होता है. आवश्यकता, संघर्ष, अाविष्कार के बाद विकास होता है. विकास की प्रक्रिया थमनेवाली नहीं है. यह प्रक्रिया चलती रहेगी. नये कानून बनेंगे. लोगों को त्वरित न्याय मिलेगा.

जस्टिस डिलिवरी सिस्टम को चलाने की जितनी जिम्मेवारी न्यायिक अधिकारियों की है, अधिवक्ताअों पर भी उतनी ही जिम्मेवारी है. झारखंड हाइकोर्ट के चीफ जस्टिस डॉ रवि रंजन ने ये बातें कही.
चीफ जस्टिस शनिवार को रांची सिविल कोर्ट परिसर में नवनिर्मित 40 कोर्ट बिल्डिंग व जिला न्याय सदन के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे. इससे पहले चीफ जस्टिस ने अपनी उपस्थिति में 40 कोर्ट बिल्डिंग का उद्घाटन प्रार्थी निकोलस कुजूर (70 वर्ष) व राध्या उरांव (72 वर्ष)से कराया.
चीफ जस्टिस ने कहा कि न्यायालयों में मुकदमे लंबित हैं. लंबित मामलों की संख्या कम करने का प्रयास हो रहा है. बिना कारण समय लेना शुरू करेंगे, तो पेंडेंसी कम नहीं होगी. आप सहयोग करेंगे. हमें खरा उतरने दें. पेंडेंसी से लड़ने के लिए संयुक्त प्रयास होगा, इसकी मुझे आशा है. बार व बेंच के सहयोग से मामलों के तेजी से निष्पादन को बल मिलेगा. न्याय की अविरल धारा बहनी चाहिए.
40 कोर्ट बिल्डिंग न्याय की नयी गाथा लिखेगा : रांची सिविल कोर्ट का 40 कोर्ट बिल्डिंग न्याय की नयी गाथा लिखेगा. उन्होंने कहा कि 40 कोर्ट बिल्डिंग को झारखंड के एक मॉडल कोर्ट के रूप में बनाया गया है. यह भवन वह मचान है, जिस पर हमारा न्याय वितरण तंत्र पनपता है.
कोर्ट रूम में वीसी के माध्यम से सभी को सुविधा मिलेगी. हर मामले के लिए कैदियों को लाना जरूरी नहीं होगा. चीफ जस्टिस ने राष्ट्र कवि रामधारी सिंह दिनकर की पंक्तियों को उद्धृत करते हुए देश के वीर शहीदों, महात्मा गांधी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, भगवान बिरसा मुंडा के साथ-साथ संविधान निर्माताअों को याद किया.
अधिवक्ताओं ने किया चीफ जस्टिस का अभिनंदन
उधर, रांची जिला बार एसोसिएशन की अोर से नये बार भवन में चीफ जस्टिस डॉ रवि रंजन के सम्मान में समारोह का अायोजन किया गया. अधिवक्ताअों ने चीफ जस्टिस का अभिनंदन किया. इस अवसर पर हाइकोर्ट के न्यायाधीशों के अलावा बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित थे.
चीफ जस्टिस ने 40 कोर्ट बिल्डिंग को साफ-स्वच्छ रखने की अपील की
चीफ जस्टिस ने अधिवक्ताअों व कोर्ट आनेवाले लोगों से आधुनिक सुविधाअों से सुसज्जित 40 कोर्ट बिल्डिंग को साफ-स्वच्छ रखने की अपील की. उन्होंने कहा कि यहां पान, सिगरेट, खैनी, बीड़ी, गुटखा आदि का उपयोग नहीं करना चाहिए.
वहीं, हाइकोर्ट के सीनियर जस्टिस व झालसा के कार्यकारी अध्यक्ष एचसी मिश्र ने कहा कि 40 कोर्ट बिल्डिंग काफी भव्य व आधुनिक बना है. बिल्डिंग में उपलब्ध करायी गयी सुविधाओं से न्यायिक कार्यों में तेजी आयेगी. इससे त्वरित न्याय मिलने की पूरी संभावना है. ई-कोर्ट, ई-फाइलिंग, पेपरलेस कोर्ट की परिकल्पना पूरी तरह से साकार होगी. हाइकोर्ट बिल्डिंग सहित अधूरे प्रोजेक्ट को पूरा करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए.
50 वर्ष की प्रैक्टिस होने पर आज सम्मानित होंगे अधिवक्ता पांडेय पीएन राय
रांची जिला बार एसोसिएशन की अोर से 50 वर्ष की प्रैक्टिस पूरा होने पर अधिवक्ता पांडेय पीएन राय पंकज को सम्मानित करने का निर्णय लिया है. एसोसिएशन के अध्यक्ष शंभू प्रसाद अग्रवाल ने बताया कि श्री पंकज को गणतंत्र दिवस के अवसर पर 26 जनवरी को बार भवन में सम्मानित किया जायेगा.
चार साल में 30 करोड़ रुपये की लागत से बनी बिल्डिंग : सचिव
समारोह में भवन निर्माण सचिव प्रवीण कुमार टोप्पो ने बिल्डिंग की विशेषता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि 23 जनवरी 2016 को इसका शिलान्यास किया गया था. चार साल में यह बन कर तैयार हो गया. इस पर लगभग 30 करोड़ रुपये की लागत आयी है. प्रधान न्यायायुक्त नवनीत कुमार ने अतिथियों का स्वागत किया
. इससे पूर्व मोटर वाहन दुर्घटना, हत्या, भूमि अधिग्रहण आदि से जुड़े 35 पीड़ितों के बीच लगभग 1.50 करोड़ रुपये मुआवजा राशि का चेक वितरित किया गया. कार्यक्रम का संचालन फहीम किरमानी व अभिषेक कुमार ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन रांची जिला बार एसोसिएशन के महासचिव कुंदन प्रकाशन ने किया.
कार्यक्रम में जस्टिस अपरेश कुमार सिंह, जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद, जस्टिस रत्नाकर भेंगरा, जस्टिस बीबी मंगलमूर्ति, जस्टिस डॉ एसएन पाठक, जस्टिस राजेश शंकर, जस्टिस राजेश शंकर, जस्टिस एके चाैधरी, जस्टिस राजेश कुमार, जस्टिस संजय कुमार द्विवेदी, जस्टिस दीपक राेशन, रांची जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष शंभू प्रसाद अग्रवाल, चीफ जस्टिस की पत्नी डॉ सुनीता राय, पुत्री डॉ भव्या प्रियदर्शनी, रजिस्ट्रार जनरल अंबुज नाथ, झालसा के सदस्य सचिव एके राय, अधिवक्ता गणेश प्रसाद अग्रवाल, प्रदीप नाथ तिवारी, न्यायिक अधिकारी, कर्मचारी सहित अन्य उपस्थित थे.
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