नौकरी दो..नौकरी दो

Updated at : 27 Jun 2014 7:27 AM (IST)
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नौकरी दो..नौकरी दो

झारखंड बने अब 14 साल होने को है. पर रोजगार नहीं है. नौकरी की उम्मीद में पढ़े-लिखे, डिग्री-डिप्लोमा लिये युवक अब बूढ़े हो चले हैं. नौकरी की उम्र या तो खत्म हो गयी है या खत्म होने को है. 14 साल में जेपीएससी सिर्फ चार परीक्षाएं ही ले सकी हैं. बार-बार शिक्षकों की बहाली की […]

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झारखंड बने अब 14 साल होने को है. पर रोजगार नहीं है. नौकरी की उम्मीद में पढ़े-लिखे, डिग्री-डिप्लोमा लिये युवक अब बूढ़े हो चले हैं. नौकरी की उम्र या तो खत्म हो गयी है या खत्म होने को है. 14 साल में जेपीएससी सिर्फ चार परीक्षाएं ही ले सकी हैं. बार-बार शिक्षकों की बहाली की घोषणा की जाती है, होती नहीं है. इस बीच बिहार में लगातार शिक्षकों की, सिपाहियों की बहाली होती रही, लेकिन झारखंड सरकार स्थानीय नीति बनाने में ही फंसी रही. सरकार तय नहीं कर पायी कि सिपाहियों की बहाली के लिए योग्यता सातवीं पास होगी या मैट्रिक पास. कोई एक सरकार नहीं, सभी का यही हाल रहा. किसी ने नौकरी नहीं दी. तभी तो झारखंड में 19.5 फीसदी युवा बेरोजगारों की फौज तैयार हो गयी है.

रांची: राज्य सरकार अब तक शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने में विफल रही है. पिछले एक साल में शिक्षक नियुक्ति की छह तय समय-सीमा फेल हो चुकी है. एक समय-सीमा समाप्त होने के बाद दूसरी घोषित कर दी जाती है. पर नियुक्ति नहीं होती.

शिक्षक पात्रता परीक्षा का रिजल्ट 28 मई, 2013 को निकला था. इसके बाद से लगातार शिक्षक नियुक्ति की तिथि घोषित हो रही है. गत वर्ष जून से अब तक सरकार की ओर से छह बार शिक्षक नियुक्ति की तिथि घोषित की गयी, पर आज तक शिक्षकों की नियुक्ति नहीं हुई. टेट पास लगभग 65,439 अभ्यर्थी नियुक्तिका इंतजार कर रहे हैं. राज्य के प्राथमिक व मध्य विद्यालयों में शिक्षकों के लगभग 18 हजार पद रिक्त हैं. इन पदों का रोस्टर क्लियर है. इन पदों पर नियुक्ति होने में कोई अड़चन नहीं है. वैसे राज्य में प्राथमिक और मध्य विद्यालयों के 40 हजार पद रिक्त हैं. कक्षा एक से आठ तक में शिक्षक नियुक्ति के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा ली गयी थी.

पर इसके लिए शिक्षा के अधिकार अधिनियम के अनुरूप पद ही सृजित नहीं थे. अब तक पद सृजित नहीं हो सका है. अंत में शिक्षा विभाग ने कक्षा एक से पांच में ही शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया. 15 नवंबर 2013 से आवेदन जमा होना शुरू हुआ. 30 दिसंबर तक आवेदन जमा हुआ. इसके बाद से अब तक किसी जिला में नियुक्ति प्रक्रिया पूरी नहीं हुई.

छह माह में नहीं बना सके लिस्ट

शिक्षक नियुक्ति के लिए कोई परीक्षा नहीं लेनी है. जमा आवेदन की स्क्रूटनी कर मेरिट लिस्ट तैयार करना है. राज्य के अधिकतर जिलों के उपायुक्त व जिला शिक्षा अधीक्षक ने नियुक्ति प्रक्रिया को गंभीरता से नहीं लिया. अलग से कोई कार्यवाही नहीं हुई. इस काम को भी रूटीन वर्क के तहत छोड़ दिया गया.

स्थिति सबके सामने है

शिक्षक नियुक्ति की जो स्थिति है, वह सबके सामने है. विभाग द्वारा इस संबंध में लगातार निर्देश दिये जाते रहे हैं. आवेदन की स्क्रूटनी का काम भी मात्र चार-पांच जिलों में समय पर पूरा हुआ है. चुनाव के कारण भी नियुक्ति में विलंब हुआ. प्रक्रिया जारी है. गीताश्री उरांव, शिक्षा मंत्री

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