सीएनटी की सुरक्षा जरूरी

Updated at : 09 Jun 2014 6:33 AM (IST)
विज्ञापन
सीएनटी की सुरक्षा जरूरी

रांचीः छोटानागपुर काश्तकारी अधिनियम और संथाल परगना काश्तकारी अधिनियम को बचाना है तो आदिवासियों और मूलवासियों को एकजुट होना होगा. रविवार को एसडीसी में ‘बिरसा मुंडा की शहादत की परंपरा और सीएनटी/ एससपीटी एक्ट पर राजनैतिक दलों का बदलता नजरिया’ विषयक सेमिनार में आदिवासी मूलवासी जनाधिकार मंच के डॉ आरपी साहू ने ये बातें कहीं. […]

विज्ञापन

रांचीः छोटानागपुर काश्तकारी अधिनियम और संथाल परगना काश्तकारी अधिनियम को बचाना है तो आदिवासियों और मूलवासियों को एकजुट होना होगा. रविवार को एसडीसी में ‘बिरसा मुंडा की शहादत की परंपरा और सीएनटी/ एससपीटी एक्ट पर राजनैतिक दलों का बदलता नजरिया’ विषयक सेमिनार में आदिवासी मूलवासी जनाधिकार मंच के डॉ आरपी साहू ने ये बातें कहीं.

अखिल भारतीय आदिवासी महासभा के महासचिव छत्रपति शाही मुंडा ने कहा कि सीएनटी एक्ट में धारा 71 ए जोड़ा गया है. इसमें 30 वर्ष के अंदर केस करने का अधिकार है़ पर, इसमें इंडियन लिमिटेशन एक्ट 1963 लागू किया गया, जिसे खारिज करने की जरूरत है़ झारखंडी पंचायती राज अधिनियम भी पेसा कानून के अनुरूप नहीं बना है़ इस सेमिनार का आयोजन झारखंड माइंस एरिया कोऑर्डिनेशन कमेटी (जमैक) द्वारा एसडीसी सभागार में किया गया था.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola