गोपीनाथ सिंह इंटर महिला महाविद्यालय गढ़वा द्वारा मान्यता व अनुदान लेने में फर्जीवाड़ा

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 29 Sep 2018 1:39 AM

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रांची : गोपीनाथ सिंह इंटर महाविद्यालय, कल्याणपुर, गढ़वा द्वारा गलत तरीके से मान्यता और अनुदान लेने में फर्जीवाड़ा किया गया है. जांच में इसकी पुष्टि के बाद भी शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव द्वारा कार्रवाई नहीं किये जाने को लोकायुक्त जस्टिस डीएन उपाध्याय ने गंभीरता से लिया है. उन्होंने शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव को […]

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रांची : गोपीनाथ सिंह इंटर महाविद्यालय, कल्याणपुर, गढ़वा द्वारा गलत तरीके से मान्यता और अनुदान लेने में फर्जीवाड़ा किया गया है. जांच में इसकी पुष्टि के बाद भी शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव द्वारा कार्रवाई नहीं किये जाने को लोकायुक्त जस्टिस डीएन उपाध्याय ने गंभीरता से लिया है. उन्होंने शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव को आदेश दिया है कि वे उक्त महाविद्यालय प्रबंधन के खिलाफ एक माह के अंदर कार्रवाई कर सूचित करें.
यदि सचिव द्वारा मामले में लोकायुक्त की अनुशंसा के अनुरूप कार्रवाई नहीं की जाती है, तो सीधे-सीधे यह समझा जायेगा कि वे कार्रवाई से पीछे हट रहे हैं. ऐसी स्थिति में मुख्यमंत्री से शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव का तबादला दूसरे विभाग में किये जाने की अनुशंसा की जायेगी, ताकि मामले में तत्काल कार्रवाई हो सके. लोकायुक्त कार्यालय द्वारा सचिव को आदेश की प्रति भेजी गयी है.
गलत अनुशंसा पर कॉलेज को मिली मान्यता : गोपीनाथ सिंह महिला इंटर महाविद्यालय गढ़वा का अपना कोई भवन नहीं है. यह गोपीनाथ सिंह महिला महाविद्यालय डिग्री कॉलेज, गढ़वा के ही भवन में संचालित है. झारखंड अधिविद्य परिषद को धोखे में रख कर गलत तरीके से इसकी मान्यता ली गयी है. इस महाविद्यालय की प्रस्वीकृति के लिए शासी निकाय के चारों सदस्यों तत्कालीन अनुमंडल पदाधिकारी गढ़वा, विधायक गिरिनाथ सिंह, तत्कालीन जिला शिक्षा पदाधिकारी गढ़वा व परिषद प्रतिनिधि सह एसएसजेएसएन कॉलेज गढ़वा के व्याख्याता महेंद्र प्रसाद सिंह द्वारा गलत तथ्य देकर अनुशंसा की गयी. इसके बाद विभागीय निदेशक द्वारा तत्कालीन पलामू प्रमंडल के उप शिक्षा निदेशक को जांच की जवाबदेही सौंपी गयी.
इनकी रिपोर्ट पर इंटर महाविद्यालय को 27 नवंबर 2008 से स्थायी प्रस्वीकृति दी गयी. वहीं, जांच में यह बात साफ हो गयी है कि पलामू प्रमंडल के तत्कालीन उप शिक्षा निदेशक द्वारा कॉलेज के भूमि प्रतिवेदन की स्थलीय जांच किये बिना ही रिपोर्ट दे दी गयी. जांच में यह भी पाया गया कि परिषद प्रतिनिधि सह एसएसजेएसएन कॉलेज गढ़वा के व्याख्याता महेंद्र प्रसाद सिंह की पत्नी मिथिला सिंह 2008 से 2011 तक गोपीनाथ सिंह इंटर महिला महाविद्यालय में कार्यरत थीं. इन्होंने बतौर शिक्षिका मानदेय भी प्राप्त किया.
कॉलेज दो, पर शिक्षक-कर्मचारी वही
गोपीनाथ सिंह महिला इंटर महाविद्यालय गढ़वा के जिन शिक्षकों एवं कर्मचारियों के नाम वर्ष 2008-09, 2009-10 और 2010-11 में दिखाये गये है, उन्हीं शिक्षकों व कर्मचारियों के नाम वर्ष 2011-12 में गोपीनाथ सिंह महिला डिग्री महाविद्यालय गढ़वा में दिखाये गये हैं. दोनों कॉलेज की प्रयोगशाला तक एक है, जबकि दोनों कॉलेज के नाम पर अलग-अलग अनुदान लिया गया है.
इसके लिए कॉलेज प्रबंधन सीधे तौर पर जिम्मेदार है. इस मामले में पूर्व में मुख्यमंत्री जन शिकायत कोषांग ने कॉलेज को दिये पैसा की रिकवरी का आदेश दिया था, लेकिन कार्रवाई नहीं की गयी. मामले में विभाग के अवर सचिव का पत्र भी पक्षपातपूर्ण प्रतीत होता है. इसलिए अनुदान वसूली के मामले में कार्रवाई करने की बात कही गयी है.
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