बंदी की जेल में हुई मौत, परिजन बोले : एएसआइ की पिटाई से मरा

Updated at : 25 Aug 2018 3:46 AM (IST)
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बंदी की जेल में हुई मौत, परिजन बोले : एएसआइ की पिटाई से मरा

मटका खेल से जुड़े होने के आरोप में हुई थी मो जलील की गिरफ्तारी परिजनों के अनुसार एसएसपी के क्यूआरटी में तैनात है मारपीट का आरोपी एएसआइ मो फैजल खान रांची : लाेअर बाजार पुलिस ने सोमवार को मटका खेलाने और खेलने वाले सात लोग मो जलील, भोला उर्फ इबरार आलम, मन्नान, सिकंदर सहित अन्य […]

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मटका खेल से जुड़े होने के आरोप में हुई थी मो जलील की गिरफ्तारी

परिजनों के अनुसार एसएसपी के क्यूआरटी में तैनात है मारपीट का आरोपी एएसआइ मो फैजल खान
रांची : लाेअर बाजार पुलिस ने सोमवार को मटका खेलाने और खेलने वाले सात लोग मो जलील, भोला उर्फ इबरार आलम, मन्नान, सिकंदर सहित अन्य को गिरफ्तार किया था. मंगलवार को उन सबकाे जेल भेजा गया था. इनमें मो जलील (45 वर्ष) की जेल में गुरुवार को मौत हो गयी़ मो जलील की पत्नी नूरजहां व पुत्र फैजाद ने एसएसपी के क्यूआरटी के एएसआइ मो फैजल खान पर उनके पति मो जलील को बुरी तरह पीटने का अाराेप लगाया है. घरवालों का कहना है कि सोमवार की रात मो जलील और अन्य लोगों के साथ काफी मारपीट की गयी थी. मो जलील को इतनी बुरी तरह मारा गया कि वे अदालत से जेल जाने के दौरान ठीक से चल नहीं पा रहे थे. तीन पुलिसकर्मियों ने पकड़ कर जेल भेजने के लिए उन्हें जीप पर बैठाया था. इस दौरान उनकी स्थिति एेसी थी कि हमलोग उनसे सही से बात नहीं कर पाये, जबकि दूसरे जख्मी भोला उर्फ इबरार आलम का रिम्स में इलाज चल रहा है.
इधर, इस संंबंध में लोअर बाजार थाना प्रभारी ने कहा कि फैसल खान लोअर बाजार थाना में पदस्थापित नहीं है़ वह क्यूआरटी में है़ वह मटकाबाजों की गिरफ्तारी के वक्त वहां आया था़ मो जलील के साथ मारपीट का आरोप बेबुनियाद है़ उन्होंने कहा कि जेल भेजने से पहले किसी भी आरोपी की डॉक्टरी जांच होती है. डाॅक्टरी जांच में उसके फिट रहने का सर्टिफिकेट कोर्ट में जमा होने के बाद ही आरोपी को जेल भेजा जाता है. इधर, एएसअाई फैजल ने कहा कि उस पर लगाये गये आरोप बेबुनियाद है़ं मैंने कोई मारपीट नहीं की है़
बच्चों के लालन-पालन के लिए सरकार मदद करे
मो जलील की पत्नी नूरजहां ने कहा कि हमारे चार बच्चे है़ं मो जलील बक्सा बनाते थे, जिससे पूरे परिवार का खर्च चलता था. पुलिस ने उन्हें इतनी बुरी तरह मारा कि जेल में उनकी मौत हो गयी. अब तो हमारे परिवार में कमाने वाला भी कोई नहीं रहा. हमारे सामने भुखमरी की नौबत आ गयी है. सरकार हमारी मदद नहीं करेगी, तो परिवार रोड पर आ जायेगा. इधर, सामाजिक कार्यकर्ता मो खलील ने उनकी आर्थिक मदद की और उनकी बात उपायुक्त तक पहुंचाने की बात कही है़
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