Lok Sabha Election 2024: 'केंद्र ने ऐसा क्या कहा कि अरुण गोयल ने इस्तीफा देना बेहतर समझा', AAP नेता आतिशी ने उठाए सवाल

Edited by Pritish Sahay
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Lok Sabha Election 2024| ani, X

Lok Sabha Election 2024:चुनाव आयुक्त अरुण गोयल के अचानक इस्तीफे के बाद आम आदमी पार्टी नेता आतिशी ने केंद्र सरकार पर हमला करते हुए कहा कि अचानक ऐसा क्या हुआ कि उस चुनाव आयुक्त को इस्तीफा देने पड़ा जिन्हें बीजेपी ने नियुक्त किया था.

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Lok Sabha Election 2024: लोकसभा चुनाव पास है और चुनाव आयुक्त अनूप चंद्र पांडे की सेवानिवृत्ति और अरुण गोयल के अचानक इस्तीफे ने चिंता बढ़ा दी है. हालांकि इस बीच सूत्रों के हवाले से जानकारी है कि रिक्तयों को 15 मार्च तक भरा जा सकता है. इधर आम आदमी पार्टी नेता आतिशी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है. सोशन मीडिया पर ट्वीट कर आतिशी ने कहा कि लोकसभा चुनाव की घोषणा से कुछ दिन पहले चुनाव आयुक्त अरुण गोयल ने अचानक से क्यों इस्तीफा दे दिया, जबकि उनका कार्यकाल 2027 तक था

मंत्री आतिशी ने किया केंद्र पर हमला

आतिशी ने कहा कि ये वही चुनाव आयुक्त हैं, जिन्हें बीजेपी ने नियुक्त किया था. जब उनकी नियुक्ति को लेकर चुनौती सुप्रीम कोर्ट में पहुंची तो शीर्ष अदालत ने यहां तक ​​पूछा कि इतनी जल्दी क्या थी? अरुण गोयल नियुक्ति का बचाव करने के लिए भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था और आज उसी व्यक्ति ने इस्तीफा दे दिया है. पूरा देश एक सवाल पूछ रहा है कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने उन्हें ऐसा करने के लिए क्या कहा जिससे उन्हें इस्तीफा देना पड़ा.

दो चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति 15 मार्च तक होने की संभावना- सूत्र

इधर सूत्रों को हवाले से खबर है कि चुनाव आयुक्त अनूप चंद्र पांडे की सेवानिवृत्ति और अरुण गोयल के अचानक इस्तीफे से जो रिक्तियों बन गई है उसे जल्द से जलद भरा जाएगा. खबर है कि 15 मार्च तक दो चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति हो सकती है. गौरतलब है कि निर्वाचन आयोग की ओर से लोकसभा चुनाव के कार्यक्रम की संभावित घोषणा से कुछ दिन पहले ही गोयल ने शुक्रवार को आयुक्त के पद से इस्तीफा दे दिया. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार को उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया और कानून मंत्रालय ने एक अधिसूचना जारी कर इसकी घोषणा की. सेवानिवृत्ति और इस्तीफे के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार चुनाव प्राधिकरण के एकमात्र सदस्य रह गये हैं.

कानून मंत्री के नेतृत्व में खोज समिति तैयार करेगी पैनल
गौरतलब है कि कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल के नेतृत्व में एक खोज समिति दोनों पदों के लिए पांच-पांच नामों के दो अलग-अलग पैनल तैयार करेगी. इस समिति में गृह सचिव और कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के सचिव शामिल होंगे. इसके बाद प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली एक चयन समिति चुनाव आयुक्त के रूप में नियुक्ति के लिए दो व्यक्तियों का नाम तय करेगी. चयन समिति में एक केंद्रीय मंत्री और लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी शामिल होंगे. इसके बाद चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाएगी. भाषा इनपुट के साथ

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By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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